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2027 तक केशोद एयरपोर्ट से शुरू होंगी एयरबस और कार्गो उड़ानें, मनसुख मांडविया ने दिए पुनर्विकास कार्य में तेजी लाने के निर्देश

जूनागढ़, 10 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने शुक्रवार को जूनागढ़ में विकास परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य वर्ष 2027 तक केशोद हवाई अड्डे से एयरबस और कार्गो विमानों का संचालन शुरू करना है। उन्होंने अधिकारियों को इस लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
 

जूनागढ़, 10 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने शुक्रवार को जूनागढ़ में विकास परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य वर्ष 2027 तक केशोद हवाई अड्डे से एयरबस और कार्गो विमानों का संचालन शुरू करना है। उन्होंने अधिकारियों को इस लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

पोरबंदर से सांसद और केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने इस बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में जिले में चल रही विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मंत्री ने संबंधित विभागों से विस्तृत प्रगति रिपोर्ट मांगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी काम तय समय सीमा के भीतर, पूरी गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ पूरे किए जाएं।

बैठक के दौरान मनसुख मांडविया ने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2027 तक केशोड हवाई अड्डे से एयरबस और कार्गो उड़ानों का संचालन शुरू करना है। nउन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि काम में तेजी लाई जाए, ताकि यह लक्ष्य तय समय पर पूरा हो सके।

सरकार का यह लक्ष्य भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) द्वारा केशोड हवाई अड्डे पर किए जा रहे विस्तार कार्य के अनुरूप है। 364 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत वाली इस पुनर्विकास परियोजना के तहत 6,500 वर्ग मीटर का नया टर्मिनल भवन बनाया जा रहा है। यह भवन व्यस्त समय में एक साथ 400 आने वाले और 400 जाने वाले यात्रियों को संभाल सकेगा। इसके अलावा, एयरबस ए320 जैसे विमानों के संचालन के लिए रनवे को बढ़ाकर 2,500 मीटर किया जा रहा है। इस परियोजना को जनवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, इसकी समयसीमा वैधानिक मंजूरियों और भूमि से जुड़ी जरूरी प्रक्रियाओं पर भी निर्भर करेगी।

मंत्री ने जूनागढ़ क्षेत्र में हाल ही में हुई भारी मानसूनी बारिश के असर की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से बारिश से हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी मांगी। मानसून के दौरान और प्राकृतिक आपदाओं की आशंका को देखते हुए मंत्री ने आपदा प्रबंधन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को हमेशा सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर बचाव और राहत कार्य तुरंत शुरू किए जाएं।

मांडविया ने अधिकारियों को प्रभावी योजना बनाने और तेजी से काम करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों और आम लोगों को कम से कम परेशानी हो। उन्होंने घेड क्षेत्र में चल रहे विकास और राहत कार्यों की भी समीक्षा की। साथ ही अधिकारियों को इन योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

--आईएएनएस

एसएचके/वीसी