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गुजरात में 21-22 मार्च को 16 शहरों में राज्यव्यापी 'मिलेट महोत्सव' का आयोजन होगा

अहमदाबाद/गांधीनगर, 18 मार्च (आईएएनएस)। गुजरात भाजपा के प्रवक्ता और कृषि मंत्री जीतू वाघाणी ने बुधवार को बताया कि राज्य के 16 नगर निगमों में 21 और 22 मार्च को राज्यव्यापी 'मिलेट महोत्सव एंड नेचुरल फार्मिंग मार्केट' का आयोजन किया जाएगा। मिलेट महोत्सव का मुख्य आयोजन अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट में होगा।
 
गुजरात में 21-22 मार्च को 16 शहरों में राज्यव्यापी 'मिलेट महोत्सव' का आयोजन होगा

अहमदाबाद/गांधीनगर, 18 मार्च (आईएएनएस)। गुजरात भाजपा के प्रवक्ता और कृषि मंत्री जीतू वाघाणी ने बुधवार को बताया कि राज्य के 16 नगर निगमों में 21 और 22 मार्च को राज्यव्यापी 'मिलेट महोत्सव एंड नेचुरल फार्मिंग मार्केट' का आयोजन किया जाएगा। मिलेट महोत्सव का मुख्य आयोजन अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट में होगा।

राज्य के कृषि विभाग के अंतर्गत गुजरात एग्रो इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन द्वारा आयोजित यह दो दिवसीय कार्यक्रम सूरत, वडोदरा, राजकोट, गांधीनगर, भावनगर, जामनगर, जूनागढ़, नवसारी, वापी, नाडियाड, मेहसाना, सुरेंद्रनगर, मोरबी, पोरबंदर और गांधीधाम सहित कई शहरों में एक साथ आयोजित होगा।

विभिन्न शहरों में आयोजित कार्यक्रमों में मंत्रियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के शामिल होने की उम्मीद है।

राज्य मंत्रिमंडल में हुई चर्चा के बाद विस्तृत जानकारी देते हुए वाघाणी ने बताया कि यह महोत्सव 'धरती का सोना – श्री अन्न अपनाएं, स्वस्थ जीवन पाएं' नारे के तहत आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘श्री अन्न’ अभियान के अनुरूप मिलेट को बढ़ावा देना है।

अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट स्थल पर लगभग 85 स्टॉल लगाए जाएंगे, जबकि अन्य शहरों में कुल 620 स्टॉल स्थापित किए जाएंगे।

ये स्टॉल किसान समूहों, किसान उत्पादक संगठनों और व्यक्तिगत किसानों को निःशुल्क आवंटित किए गए हैं।

इस पहल का उद्देश्य किसानों को मिलेट्स प्रोडक्ट्स को सीधे उपभोक्ताओं को बेचने में सक्षम बनाना, बिचौलियों की भूमिका को कम करना और बेहतर मूल्य प्राप्त करना है।

वाघाणी ने बताया कि इस महोत्सव में मिलेट्स की प्रदर्शनी, खाद्य उत्सव, कृषि प्रौद्योगिकी क्षेत्र और कृषि स्टार्टअप एवं महिला उद्यमियों के स्टॉल होंगे।

आगंतुक मिलेट से बने उत्पाद खरीद सकेंगे और मिलेट से बने ताजे व्यंजनों का स्वाद ले सकेंगे।

उन्होंने कहा कि मिलेट और नेचुरल फार्मिंग एक दूसरे के पूरक हैं, क्योंकि मिलेट की फसल में कम पानी की आवश्यकता होती है और इसे रासायनिक उर्वरकों के बिना उगाया जा सकता है, जिससे यह गाय आधारित खेती के लिए उपयुक्त है।

उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ऐसी पहलों के माध्यम से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

--आईएएनएस

एमएस/