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अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र के रूप में विकसित हो रहा गिफ्ट सिटी, गुजरात ने पूंजीगत व्यय के लिए बजट का 39 प्रतिशत हिस्सा अलग रखा

गांधीनगर, 11 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मंगलवार को कहा कि गुजरात सरकार ने इस वर्ष अपने कुल बजट का 39 प्रतिशत पूंजीगत व्यय के लिए आवंटित किया है। यह बुनियादी ढांचे और उभरते क्षेत्रों पर राज्य के फोकस को दर्शाता है क्योंकि जीआईएफटी सिटी एक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है।
 

गांधीनगर, 11 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मंगलवार को कहा कि गुजरात सरकार ने इस वर्ष अपने कुल बजट का 39 प्रतिशत पूंजीगत व्यय के लिए आवंटित किया है। यह बुनियादी ढांचे और उभरते क्षेत्रों पर राज्य के फोकस को दर्शाता है क्योंकि जीआईएफटी सिटी एक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है।

सीएम पटेल ने ये टिप्पणियां गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (गिफ्ट सिटी) में एचएसबीसी और एनडीटीवी द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित ग्लोबल कनेक्ट गिफ्ट सिटी एडिशन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कीं।

उन्होंने कहा कि पूंजीगत व्यय के लिए आवंटन राज्य के बुनियादी ढांचे, उन्नत प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर व्यापक ध्यान केंद्रित करने का हिस्सा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गिफ्ट सिटी प्रधानमंत्री मोदी के भारत के वित्तीय क्षेत्र के वैश्वीकरण के दृष्टिकोण को साकार करने का एक शक्तिशाली साधन बन गया है।

सीएम पटेल ने कहा, "देश का पहला फाइनेंशियल टेक सिटी बनकर गिफ्ट सिटी विश्व स्तर पर भारत के लिए एक नई पहचान बना रहा है।"

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह देश का एकमात्र ऐसा केंद्र है जहां अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (आईएफएससीए) और जीआईएफटी सिटी में संचालित बुलियन एक्सचेंज वित्तीय क्षेत्र के विकास को नई गति प्रदान कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, "गिफ्ट सिटी बैंकिंग, बीमा, परिसंपत्ति प्रबंधन, पूंजी बाजार सेवाएं, फंड प्रबंधन, फिनटेक, विमान पट्टे और जहाज पट्टे सहित कई क्षेत्रों में विस्तार कर रहा है।"

पटेल ने कहा कि केंद्रीय बजट में गिफ्ट सिटी से संचालित होने वाले व्यवसायों के लिए विशेष प्रोत्साहन की घोषणा की गई है। उन्होंने पहले की 10 साल की अवधि के बजाय लगातार 20 साल की कर छूट के प्रावधान की ओर इशारा करते हुए कहा कि इससे निवेशकों को वित्तीय केंद्र में निवेश करने के लिए अधिक आत्मविश्वास और लचीलापन मिलेगा।

उन्होंने वित्तीय सेवाओं में एआई की बदलती भूमिका पर भी प्रकाश डाला। पटेल के अनुसार, एआई अब केवल प्रौद्योगिकी क्षेत्र तक ही सीमित नहीं है और बैंकिंग, जोखिम प्रबंधन और धन प्रबंधन में महत्वपूर्ण बदलाव ला रहा है।

उन्होंने कहा, "गिफ्ट सिटी में स्थापित एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस नए समाधानों, विशेषज्ञों, व्यवसायों और स्टार्टअप्स को एक साथ लाने के लिए एक मजबूत मंच बन गया है।"

उन्होंने ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन से निपटने और प्रधानमंत्री के 'हरित विकास' दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के प्रयासों के तहत ग्रीन बॉन्ड, सतत वित्तपोषण, जलवायु वित्त और नवीकरणीय ऊर्जा वित्तपोषण में जीआईएफटी सिटी की क्षमता की ओर भी इशारा किया।

उन्होंने कहा कि "अच्छी कमाई, अच्छा जीवन" का विकास मंत्र जीआईएफटी सिटी में साकार हो रहा है और वहां रहने और काम करने वाले लोगों के लिए कनेक्टिविटी और सुविधाओं में सुधार पर भी ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, "मेट्रो कनेक्टिविटी के माध्यम से परिवहन को आसान बनाया गया है, जिससे गिफ्ट सिटी में रहने और काम करने वाले लोगों की सुविधा और आवागमन में सुधार हुआ है।"

पटेल ने कहा कि अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट को गिफ्ट सिटी तक विस्तारित करने का काम पूरी गति से आगे बढ़ रहा है।क्षेत्र के परिवर्तन को याद करते हुए उन्होंने कहा, "यह स्थान कभी मुख्य रूप से खेतों और साबरमती नदी की घाटियों से बना था जबकि अब यहां विश्वस्तरीय वित्तीय संस्थान मौजूद हैं।"

उन्होंने जीआईएफटी सिटी के निर्माण और विकास को प्रधानमंत्री मोदी के "वर्तमान से आगे की सोच रखने और उस दूरदृष्टि को वास्तविकता में बदलने" के दृष्टिकोण का एक उदाहरण बताया।

--आईएएनएस

एसएचके/पीएम