साबरमती स्टेशन रीडेवलपमेंट का 85 प्रतिशत काम पूरा, बनेगा मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब
अहमदाबाद, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। साबरमती रेलवे स्टेशन का रीडेवलपमेंट का काम काफी आगे बढ़ चुका है। 335 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट का लगभग 85 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। इस स्टेशन को मेट्रो और हाई-स्पीड रेल स्टेशन से जोड़ने वाले मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब के तौर पर विकसित किया जा रहा है।
वेस्टर्न रेलवे के इस रीडेवलपमेंट का मकसद यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाना, आवाजाही और पहुंच को आसान करना, स्मार्ट-बिल्डिंग सिस्टम लगाना और स्टेशन पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को संभालने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है।
रीडेवलप किए गए स्टेशन में एक इंटीग्रेटेड स्मार्ट-बिल्डिंग सिस्टम होगा, जिसमें सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डेटा एक्विजिशन (एससीएडीए) और बिल्डिंग मैनेजमेंट सिस्टम (बीएमएस) शामिल होंगे। इसमें इंटीग्रेटेड सीसीटीवी सर्विलांस, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, एक्सेस कंट्रोल, आईटी नेटवर्किंग और पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम जैसी सुविधाएं भी होंगी। यह सिस्टम ट्रेन के समय, आने-जाने और यात्रियों से जुड़ी दूसरी जानकारी रियल-टाइम में देगा।
इस प्रोजेक्ट में 28 लिफ्ट और 28 एस्केलेटर शामिल हैं। लिफ्ट में ब्रेल सुविधाएं, गाइड और वॉर्निंग टाइल्स, और दिशा बताने वाले साइन होंगे। दिव्यांग-फ्रेंडली टिकट काउंटर, ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) और पीने के पानी की सुविधाएं भी दी जाएंगी।
स्टेशन पर आने और जाने के लिए अलग-अलग जोन बनाए जा रहे हैं, साथ ही दो-पहिया वाहनों, कारों, ऑटो और बसों के लिए खास पार्किंग और ईवी चार्जिंग की सुविधाएं भी होंगी।
पैसेंजर कॉनकोर्स में वेटिंग एरिया, टॉयलेट, महिलाओं और बच्चों के लिए बेबी-केयर रूम, कमर्शियल सुविधाएं और कैफेटेरिया होंगे। प्लेटफॉर्म और कॉनकोर्स के बीच आने-जाने के लिए लिफ्ट, सीढ़ियां और एस्केलेटर की सुविधा होगी। साबरमती बीजी स्टेशन पर तीन और साबरमती (एसबीटी) स्टेशन पर तीन फुटओवर ब्रिज (एफओबी) बनाए जा रहे हैं।
इस रीडेवलपमेंट में साबरमती बीजी पर सात और साबरमती (एसबीटी) पर तीन प्लेटफॉर्म शामिल हैं। प्लेटफॉर्म पर पूरी छत होगी और नैचुरल लाइट का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए स्काईलाइट्स लगाने का भी प्रस्ताव है।
अभी साबरमती रेलवे स्टेशन से 19 ट्रेनें शुरू होती हैं और 22 ट्रेनें यहां से गुजरती हैं। हर दिन 35,000 से ज्यादा यात्री इस स्टेशन का इस्तेमाल करते हैं।
साबरमती (एसबीआई) स्टेशन की छत लगभग 20 मीटर ऊंची है, जबकि अहमदाबाद-साइड एफओबी से दिल्ली-साइड एफओबी तक स्टेशन का इलाका 32 लाख (3.2 मिलियन) स्क्वायर फीट से ज्यादा है।
लगभग 86,000 स्क्वायर फीट में फैला दो मंजिला होल्डिंग एरिया भी बनाया जा रहा है, जिसमें हर मंजिल लगभग 43,000 स्क्वायर फीट की होगी।
इसमें 10,000 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। इसका मकसद ज्यादा भीड़-भाड़ वाले समय जैसे होली, दिवाली और छठ पूजा जैसे त्योहारों और धार्मिक जगहों की यात्रा के दौरान भीड़ को मैनेज करने में मदद करना है। होल्डिंग एरिया में बैठने की जगह, पीने का पानी, रिफ्रेशमेंट सेंटर और पुरुषों, महिलाओं व दिव्यांगों के लिए अलग-अलग टॉयलेट होंगे।
स्टेशन पर एक रैपिडो ट्रैवलर्स लाउंज भी बनाया गया है, जहां यात्रियों के लिए खास लाउंज, लगभग बिना इंतजार के कनेक्टिविटी और जमीनी स्तर पर मदद की सुविधा मिलेगी।
इस प्रोजेक्ट में पर्यावरण से जुड़े उपाय भी शामिल हैं। स्टेशन को आईजीबीसी गोल्ड-रेटेड ग्रीन बिल्डिंग के तौर पर प्लान किया गया है। स्टेशन परिसर में 1,300 किलोवाट का सोलर पावर प्लांट लगाने का प्रस्ताव है।
रीडेवलपमेंट का एक अहम हिस्सा साबरमती मेट्रो, एईसी मेट्रो और हाई-स्पीड रेल स्टेशन के साथ कनेक्टिविटी है, जिससे ट्रांसपोर्ट के अलग-अलग साधनों के बीच आसानी से बदला जा सकेगा।
कई काम आखिरी चरण में पहुंच चुके हैं। मुख्य स्टेशन बिल्डिंग का पूर्वी हिस्सा काफी हद तक पूरा हो चुका है और यूटीएस, पीआरएस व टिकट काउंटर पहले से ही चालू हैं। वेटिंग एरिया को भी पूर्वी हिस्से में शिफ्ट कर दिया गया है, और वहां लिफ्ट व एस्केलेटर चालू हैं।
--आईएएनएस
एएसएच/वीसी
