गुजरात पुलिस ने 9.61 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के मामले में मध्य प्रदेश के एक व्यक्ति को पकड़ा
राजकोट, 25 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात की राजकोट सिटी पुलिस ने मध्य प्रदेश के इंदौर से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। उस पर 'द्वारकाधीश एंटरप्राइज' नाम की फर्म के जरिए ज्यादा रिटर्न का वादा करके शिकायतकर्ता और कई निवेशकों से 9.61 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी करने का आरोप है।
अधिकारियों के अनुसार, हार्दिक तन्ना नाम के आरोपी को गांधीग्राम-2 (यूनिवर्सिटी) पुलिस स्टेशन की एक टीम ने इंदौर के विजय नगर से गिरफ्तार किया। पुलिस को तकनीकी और गुप्त स्रोतों से उसके ठिकाने के बारे में जानकारी मिली थी।
पुलिस ने बताया कि कथित धोखाधड़ी 2023 में शुरू हुई थी। तन्ना ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता और अन्य निवेशकों से कहा था कि द्वारकाधीश एंटरप्राइज अलग-अलग डेबिट कार्ड स्वाइप करने और उनके बदले लोन देने का काम करती है।
उसने कथित तौर पर उन्हें अच्छा रिटर्न देने का भरोसा दिलाकर निवेश करने के लिए मनाया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने शुरू में निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए उन्हें रिटर्न के तौर पर कुछ पैसे वापस किए।
उनका भरोसा जीतने के बाद, उसने कथित तौर पर ज्यादा मुनाफे का वादा किया और बैंक खातों के साथ-साथ नकद में भी और निवेश इकट्ठा किया।
पुलिस ने बताया कि तन्ना ने बाद में शिकायतकर्ता और कई निवेशकों से कुल 9,61,91,492 रुपए इकट्ठा किए, लेकिन पैसे वापस नहीं किए।
उसने कथित तौर पर निवेशकों को भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाया, फंड का गबन किया और राजकोट से भाग गया।
19 अगस्त को गांधीग्राम-2 (यूनिवर्सिटी) पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 316(5) और गुजरात प्रोटेक्शन ऑफ इंटरेस्ट्स ऑफ डिपॉजिटर्स (इन फाइनेंशियल एस्टेब्लिशमेंट्स) एक्ट, 2003 की धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया गया।
केस दर्ज होने के बाद, पुलिस इंस्पेक्टर के.के. गोहिल ने पुलिस सब-इंस्पेक्टर आर.आर. कोठिया और उनकी टीम को आरोपी का पता लगाने का निर्देश दिया।
पुलिस ने बताया कि जानकारी मिली थी कि तन्ना इंदौर में है, जिसके बाद एक टीम को शहर भेजा गया और उसे विजय नगर इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध कबूल कर लिया। उसे पुलिस स्टेशन वापस लाया गया और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
पुलिस ने कहा, "यह ऑपरेशन राजकोट शहर के पुलिस कमिश्नर ब्रजेशकुमार झा और एडिशनल पुलिस कमिश्नर चैतन्य मांडलिक के निर्देशन में, अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख और मार्गदर्शन में चलाया गया।"
--आईएएनएस
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