Aapka Rajasthan

गुजरात पुलिस ने 'ऑपरेशन डेल्टा हंट' के तहत 568 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा

गांधीनगर, 5 जून (आईएएनएस)। गुजरात पुलिस ने 'ऑपरेशन डेल्टा हंट' के तहत राज्य में कथित तौर पर गैर-कानूनी रूप से रह रहे 568 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बताया कि कई जिलों में तलाशी और वेरिफिकेशन अभियान जारी हैं।
 
गुजरात पुलिस ने 'ऑपरेशन डेल्टा हंट' के तहत 568 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा

गांधीनगर, 5 जून (आईएएनएस)। गुजरात पुलिस ने 'ऑपरेशन डेल्टा हंट' के तहत राज्य में कथित तौर पर गैर-कानूनी रूप से रह रहे 568 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बताया कि कई जिलों में तलाशी और वेरिफिकेशन अभियान जारी हैं।

राज्य सरकार के अनुसार, ये गिरफ्तारियां डिप्टी सीएम और गृह मंत्री हर्ष संघवी की देखरेख में पूरे गुजरात में चलाए गए समन्वित अभियानों के दौरान की गईं।

शुक्रवार सुबह 8 बजे तक दर्ज किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों में 172 पुरुष, 282 महिलाएं और 114 बच्चे शामिल हैं।

इस हफ्ते की शुरुआत में शुरू किए गए इस अभियान का दायरा लगातार बढ़ता गया है। गुजरात पुलिस ने शुरू में 3 जून को 362 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लेने की सूचना दी थी। यह संख्या 4 जून को बढ़कर 501 हो गई और शुक्रवार सुबह तक 568 तक पहुंच गई।

अधिकारी वेरिफिकेशन प्रक्रिया के तहत सैकड़ों अन्य लोगों से भी पूछताछ कर रहे हैं। राज्य सरकार के एक बयान में संघवी ने कहा कि राज्य की सुरक्षा और शांति से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि घुसपैठ और अनधिकृत बसावट के खिलाफ इसी तरह के अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे।

'ऑपरेशन डेल्टा हंट' को खुफिया जानकारी पर आधारित एक समन्वित अभियान के तौर पर शुरू किया गया था, जिसमें पूरे गुजरात की पुलिस इकाइयां शामिल थीं।

अधिकारियों ने पहले बताया है कि इस अभियान में संदिग्ध बिना दस्तावेजों वाले विदेशी नागरिकों की पहचान करने के लिए टेलीकॉम एनालिसिस, तकनीकी निगरानी, ​​ह्यूमन इंटेलिजेंस और फील्ड वेरिफिकेशन का इस्तेमाल किया जाता है।

गुजरात पुलिस ने कहा कि छापेमारी और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया शुरू होने से पहले खुफिया जानकारी जुटाने और टेलीकॉम एनालिसिस के जरिए 6,200 से अधिक संदिग्ध व्यक्तियों का डेटाबेस तैयार किया गया था।

पुलिस के अनुसार, अभियान के शुरुआती चरण में संदिग्धों को लक्षित क्षेत्रों से बाहर जाने से रोकने के लिए बस स्टेशनों, हाईवे और रेलवे स्टेशनों पर चेकपॉइंट बनाए गए थे।

जांचकर्ता उन कथित नेटवर्क की भी जांच कर रहे हैं, जिन्होंने राज्य में अवैध रूप से रह रहे लोगों के लिए रहने की जगह, रोजगार और दस्तावेजों की व्यवस्था की है।

राज्य के अधिकारियों ने कहा कि कई जिलों में तलाशी अभियान जारी हैं और विशेष टीमें अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की पुष्टि करने और मामले से जुड़ी जगहों की जांच करने का काम कर रही हैं।

सरकार ने कहा कि हिरासत में लिए गए लोगों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी गई है और लागू कानूनों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

--आईएएनएस

डीकेएम/एबीएम