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अहमदाबाद में गैर-मानक खाद्य नमूनों के मामलों में करीब 150 प्रतिशत बढ़ोतरी

अहमदाबाद, 7 नवंबर (आईएएनएस)। अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) के खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा शनिवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से अक्टूबर 2026 के दौरान गैर-मानक (सबस्टैंडर्ड) पाए गए खाद्य नमूनों की संख्या बढ़कर 327 हो गई, जबकि इसी अवधि में 2025 में यह संख्या 131 थी। यानी इसमें लगभग 150 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
 

अहमदाबाद, 7 नवंबर (आईएएनएस)। अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) के खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा शनिवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से अक्टूबर 2026 के दौरान गैर-मानक (सबस्टैंडर्ड) पाए गए खाद्य नमूनों की संख्या बढ़कर 327 हो गई, जबकि इसी अवधि में 2025 में यह संख्या 131 थी। यानी इसमें लगभग 150 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

विभाग ने जनवरी से अक्टूबर 2026 के बीच 7,339 खाद्य नमूने एकत्र किए, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 4,071 नमूने लिए गए थे।

इसी दौरान प्रशासनिक शुल्क वसूली भी बढ़कर 62.11 लाख रुपए से 1.01 करोड़ रुपए हो गई।

1 अक्टूबर से 2 नवंबर तक की ताजा निरीक्षण रिपोर्ट में विभाग ने बताया कि अहमदाबाद के विभिन्न क्षेत्रों में खाद्य कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों से 841 नमूने लिए गए।

इनमें 167 मिठाइयों, 74 दूध और दुग्ध उत्पादों, 80 फाफड़ा और जलेबी, 95 नमकीन, 44 बेसन और आटा, 30 मसाले, 18 खाद्य तेल, 18 बेकरी उत्पाद और 8 मुखवास के नमूने शामिल थे। इसके अलावा 307 अन्य खाद्य उत्पादों के नमूने भी लिए गए।

इस अवधि में लिए गए नमूनों में से 27 नमूने गैर-मानक पाए गए, जबकि कुछ नमूने असुरक्षित भी पाए गए। इसके बाद संबंधित कारोबारी संचालकों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई शुरू की गई।

गैर-मानक पाए गए नमूनों में दरियापुर स्थित गुजरात डेयरी और वस्त्राल स्थित विजय डेयरी से लिया गया खुला घी, सरखेज स्थित ओम फूड सेंटर का मक्खन, महादेव फूड कोर्ट, निकोल में स्थित सूरती लाइव ढोकला और लक्ष्य लाइव चूल्हा डोसा के मक्खन के नमूने तथा मणिनगर स्थित जनता फास्ट फूड का टमाटर सॉस शामिल है।

इसके अलावा घाटलोडिया स्थित श्रीजी डाबेली एंड वडापाव की डाबेली, निकोल स्थित एल.वाई.पी.एस. का पफ, भादज स्थित राधे श्याम पकोड़ी सेंटर का पानीपुरी का पानी तथा जोधपुर स्थित श्री गणेश सैंडविच और एसपी रिंग रोड स्थित अलख नो ओटलो फूड कोर्ट के देसी डेलो का सॉस भी गैर-मानक पाया गया।

गोटा स्थित आई श्री खोडियार गृह उद्योग से लिए गए आलू पेस्ट, टमाटर पेस्ट, फ्रूट स्क्वैश और स्टार्च पाउडर के नमूनों में क्रमशः दो गैर-मानक, एक असुरक्षित और एक गैर-मानक पाया गया। गोटा स्थित एवन ब्रदर्स का एक स्नैक टॉपिंग उत्पाद भी गैर-मानक घोषित किया गया।

अन्य गैर-मानक उत्पादों में इनुस चाइनीज पंजाबी और भावनगरी फरसान हाउस का लो-फैट पनीर, असारवा स्थित तुलसी मावा सेंटर का खुला गाय का घी, भाईपुरा स्थित धनलक्ष्मी किराना स्टोर्स का मावा तथा सारसपुर स्थित कनैयालाल मावा वाला का स्वीट मावा शामिल है।

वटवा स्थित भारत फूड से लिए गए टमाटर कैचप, रेड चिली सॉस और ग्रीन चिली सॉस के नमूने भी गैर-मानक पाए गए। वहीं, सूरती लाइव ढोकला और लक्ष्य लाइव चूल्हा डोसा के मक्खन के नमूने भी मानकों पर खरे नहीं उतरे।

1 अक्टूबर से 2 नवंबर के बीच विभाग ने 2,226 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया और 660 नोटिस जारी किए। इस दौरान लगभग 1,345 किलोग्राम या लीटर खराब खाद्य सामग्री नष्ट की गई तथा टीपीसी (टोटल पोलर कंपाउंड्स) जांच भी की गई। इस अवधि में 11,28,500 रुपये प्रशासनिक शुल्क वसूला गया।

नियमों के उल्लंघन के कारण विभाग ने 19 प्रतिष्ठानों को सील या बंद किया। इन पर वैध एफएसएसएआई लाइसेंस या पंजीकरण के बिना संचालन, अस्वच्छ परिस्थितियां, सॉस निर्माण में उपयोग की जाने वाली सामग्री में गड़बड़ी और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन न करने के आरोप थे।

कार्रवाई का सामना करने वाले प्रतिष्ठानों में नरोदा का अशरफी मटन एंड चिकन, राखियाल की अरमान बेकरी, काठवाड़ा की श्री इंडस्ट्रीज, बेहरामपुरा का एमजेएफ फूड, नरोल की एन-मंगीलाल मसाला प्राइवेट लिमिटेड और दानिलिमडा का ए.एन. गृह उद्योग शामिल हैं।

सूची में आई श्री खोडियार गृह उद्योग (गोटा), वस्त्रापुर गांठिया, जैन सुपर नमकीन (नरोदा) और मंजूबेन बंसल गृह उद्योग (मोतेरा) भी शामिल हैं।

इसके अलावा प्रकाशकुमार कनैयालाल, अमरतलाल कुबेरदास नमकीनवाला, श्याम सुंदर फूड प्रोडक्ट्स और स्वास्तिक फूड्स के पास इस्तेमाल किए गए खाना पकाने के तेल के निस्तारण के लिए वैध अनुबंध नहीं पाए गए।

कालूपुर स्थित एच.एम. वर्ख वाला के पास नकली खाद्य चांदी वर्क मिला। वहीं, नारणपुरा स्थित मां भजिया पकोड़ा को सील कर दिया गया क्योंकि उसके फ्राइंग ऑयल में टीपीसी स्तर 27.5 दर्ज किया गया।

वटवा स्थित भारत फूड के खिलाफ भी कार्रवाई की गई क्योंकि उसके पहले लिए गए तीन सॉस नमूने गैर-मानक पाए गए थे।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने कहा कि आने वाले दिनों में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच और तेज की जाएगी। विशेष रूप से स्वच्छता, वैध लाइसेंस और पंजीकरण पर ध्यान दिया जाएगा।

विभाग के अधिकारियों ने कहा, "बिना आवश्यक लाइसेंस के चल रहे या खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ एफएसएसएआई और गुजरात प्रांतीय नगर निगम अधिनियम (जीपीएमसी) के तहत कार्रवाई की जाएगी।"

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी