गुजरात ने 10,000 एलपीजी शिकायतों का समाधान किया, आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति पर जोर
गांधीनगर, 28 मार्च (आईएएनएस)। गुजरात सरकार ने घरेलू एलपीजी कनेक्शनों से संबंधित 10,000 से अधिक शिकायतों का समाधान किया है और पेट्रोल, डीजल, गैस, उर्वरक और अन्य दैनिक आवश्यकताओं सहित आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्थाओं को मजबूत किया है।
यह घोषणा शनिवार को गांधीनगर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद की गई।
बैठक में उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल्स मंत्री ऋषिकेश पटेल, नागरिक आपूर्ति मंत्री रमन सोलंकी, और राज्य के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
इस बैठक में राज्य भर में आवश्यक वस्तुओं के स्टॉक स्तर, वितरण व्यवस्था और उपलब्धता की समीक्षा की गई।
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था की गई है कि 1.28 करोड़ घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिले। किसी भी शिकायत का तुरंत समाधान करने के लिए एक टोल-फ्री नंबर और एक वॉर रूम कार्यरत हैं। नागरिकों को उर्वरक, गैस, पेट्रोल, डीजल या अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है।
यह बैठक शुक्रवार को सभी मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जारी निर्देशों के बाद हुई, जिसमें वर्तमान वैश्विक स्थिति के मद्देनजर पेट्रोल, डीजल, पीएनजी, एलपीजी, उर्वरक और खाद्य पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित किया गया था।
अधिकारियों ने पुष्टि की है कि गुजरात में पेट्रोल, डीजल, सीएनजी, एलपीजी और उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और राज्य सरकार ने निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उपाय किए हैं।
सीएनजी कनेक्शनों पर विशेष जोर दिया गया, जिसमें घरों, अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता दी गई।
गुजरात में वर्तमान में देश के 23 प्रतिशत सीएनजी कनेक्शन और 12 प्रतिशत सीएनजी फिलिंग स्टेशन हैं।
संघवी ने आगे कहा कि अगले 15 दिनों में 50,000 नए सीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। पिछले 10 दिनों में 12,000 से अधिक घरेलू सीएनजी कनेक्शन और 300 से अधिक वाणिज्यिक कनेक्शन पहले ही उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
बैठक में जमाखोरी, कालाबाजारी और गलत सूचना से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
संघवी ने कहा कि कमी से संबंधित किसी भी अफवाह पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे व्हाट्सएप के माध्यम से प्रसारित गलत सूचना की सूचना पुलिस को दें। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला कलेक्टरों और पुलिस प्रमुखों को इसे लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
औद्योगिक मुद्दों के समाधान के लिए जिला कलेक्टरों की अध्यक्षता में जिला स्तर पर समन्वय समितियां गठित की जाएंगी, और ये सभी समितियां राज्य स्तरीय उद्योग समिति को रिपोर्ट करेंगी।
बैठक में बंदरगाहों पर माल ढुलाई की कड़ी निगरानी के निर्देश भी दिए गए ताकि भीड़भाड़ और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान को रोका जा सके।
किसानों को खरीफ मौसम के लिए पर्याप्त उर्वरकों की उपलब्धता का आश्वासन दिया गया है और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच श्रमिकों को समय पर मजदूरी भुगतान पर जोर दिया गया है।
राज्य सरकार ने आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनाए रखने, जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने और जन आवश्यकताओं को कुशलतापूर्वक पूरा करने के लिए केंद्र सरकार के साथ सुचारू समन्वय सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
--आईएएनएस
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