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गुजरात: अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने 7 साल से फरार कुख्यात गैंगस्टर मोहम्मद तस्लीम को उदयपुर से पकड़ा

अहमदाबाद/उदयपुर, 21 जून (आईएएनएस)। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने कुख्यात अब्दुल लतीफ गैंग के पूर्व सदस्य मोहम्मद तस्लीम को गिरफ्तार किया। वह 1992 के राधिका जिमखाना नरसंहार मामले में आजीवन कारावास की सजा पा चुका है और पूर्व राज्यसभा सांसद रऊफ वलीउल्लाह की हत्या मामले में भी आरोपी है।
 
गुजरात: अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने 7 साल से फरार कुख्यात गैंगस्टर मोहम्मद तस्लीम को उदयपुर से पकड़ा

अहमदाबाद/उदयपुर, 21 जून (आईएएनएस)। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने कुख्यात अब्दुल लतीफ गैंग के पूर्व सदस्य मोहम्मद तस्लीम को गिरफ्तार किया। वह 1992 के राधिका जिमखाना नरसंहार मामले में आजीवन कारावास की सजा पा चुका है और पूर्व राज्यसभा सांसद रऊफ वलीउल्लाह की हत्या मामले में भी आरोपी है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी 2019 में पैरोल पर रिहा होने के बाद फरार हो गया था और लगभग सात साल तक गिरफ्तारी से बचता रहा। इस दौरान वह लगातार अपनी जगह, पहचान और संपर्क माध्यम बदलता रहा।

विशेष मानव और तकनीकी खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने उसे राजस्थान में ट्रेस किया और उदयपुर में एक संयुक्त अभियान के दौरान गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे पुलिस हिरासत में अहमदाबाद लाया गया।

अब आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत उसे साबरमती सेंट्रल जेल भेजा जा रहा है।

पुलिस ने बताया कि मोहम्मद तस्लीम, जिसे मोहम्मद तस्लीम मोहम्मद उमर शेख के नाम से भी जाना जाता है, 1990 के दशक में अहमदाबाद के गैंग संघर्ष के दौरान अब्दुल लतीफ गैंग का प्रमुख शूटर और सक्रिय सदस्य था।

वह 1992 में अहमदाबाद के ओधव इलाके में स्थित राधिका जिमखाना क्लब पर हुए हमले के मामले में दोषी पाया गया था, जहां हथियारबंद हमलावरों ने ऑटोमैटिक हथियारों से फायरिंग की थी, जिसमें एके-47 भी शामिल थी। यह हमला प्रतिद्वंद्वी शराब माफिया हंसराज त्रिवेदी को निशाना बनाकर किया गया था।

इस घटना में नौ लोगों की मौत हुई थी और यह राज्य में संगठित अपराध के दौरान असॉल्ट राइफल के इस्तेमाल के शुरुआती मामलों में से एक माना जाता है।

वह पूर्व राज्यसभा सांसद और कांग्रेस नेता रऊफ वलीउल्लाह की हत्या मामले में भी शामिल था, जिन्हें कथित तौर पर गैंग गतिविधियों को उजागर करने की कोशिश के कारण निशाना बनाया गया था।

डीसीपी (क्राइम ब्रांच) अजीत राजियन ने बताया कि आरोपी पैरोल के बाद से फरार था और अपनी पहचान बदलकर तथा प्रॉपर्टी से जुड़े काम करके पुलिस से बचता रहा।

उन्होंने कहा, ''1992 में अहमदाबाद के राधिका जिमखाना में एक बेहद चर्चित हमला हुआ था, जिसमें नौ से अधिक लोगों की मौत हुई थी। यह अहमदाबाद का पहला मामला था, जिसमें एके-47 जैसे ऑटोमैटिक हथियार का इस्तेमाल हुआ था।''

उन्होंने आगे कहा, ''मुख्य आरोपी तस्लीम उमर शेख है। उसे पहले आजीवन कारावास की सजा हुई थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा था। वह 2019-20 से पैरोल जंप करके फरार था। खुफिया जानकारी के आधार पर क्राइम ब्रांच टीम ने उसे उदयपुर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।''

पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए सामान्य जीवन जीने की कोशिश की। उसने उदयपुर में शादी भी की और प्रॉपर्टी डीलिंग का काम शुरू किया ताकि लोग उसे पहचान न सकें।

उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले 2016 की पैरोल के दौरान भी उसने नई जिंदगी शुरू करने की कोशिश की थी। पुलिस अब उसके हाल के संपर्कों और गतिविधियों की जांच कर रही है।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी