पीएम मोदी की अपील के बाद गुजरात के उपमुख्यमंत्री ने यूएस दौरा रद्द किया
गांधीनगर, 12 मई (आईएएनएस)। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने मंगलवार को अपनी प्रस्तावित अमेरिका यात्रा रद्द कर दी। उन्होंने यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के बाद उठाया, जिसमें उन्होंने नागरिकों से आर्थिक आत्मनिर्भरता और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग से जुड़ी एक व्यापक पहल के तहत, एक वर्ष तक विदेश यात्रा से बचने का आग्रह किया था।
संघवी को इस महीने के आखिर में फेडरेशन ऑफ गुजराती एसोसिएशन्स ऑफ यूएसए द्वारा आयोजित दूसरे गुजराती सम्मेलन में शामिल होना था।
प्रधानमंत्री की अपील के बाद अब यह दौरा रद्द कर दिया गया है। प्रधानमंत्री ने अपनी अपील में कई उपायों को बढ़ावा दिया था, जैसे कि जहां तक हो सके 'वर्क फ्रॉम होम' (घर से काम) को प्राथमिकता देना, खाने के तेल की खपत कम करना, एक साल तक विदेश यात्रा से बचना, घरेलू उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए आयातित सामानों का इस्तेमाल कम करना, सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल बढ़ाकर पेट्रोल और डीज़ल की खपत घटाना, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करके प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना और एक साल तक सोने की खरीदारी टालना।
संघवी ने कहा, "यह फैसला संयम बरतने की राष्ट्रीय अपील के समर्थन में लिया गया है। नागरिकों को व्यापक आर्थिक आत्मनिर्भरता के हित में प्रधानमंत्री की अपील में सहयोग करना चाहिए।"
इसी से जुड़ी एक और घटनाक्रम में, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया ने भी ईंधन बचाने के लिए प्रधानमंत्री की अपील का समर्थन किया और अपने आधिकारिक सुरक्षा प्रोटोकॉल में बदलाव की घोषणा की।
उन्होंने कहा, "एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर, मैंने तत्काल प्रभाव से अपने 'पायलट कार' सुरक्षा प्रोटोकॉल का इस्तेमाल बंद करने का फैसला किया है। इसका इस्तेमाल केवल बहुत ज्यादा जरूरत या आपातकालीन स्थितियों में ही किया जाएगा।"
उन्होंने आगे कहा कि यह अपील संसाधनों के जिम्मेदार इस्तेमाल की जरूरत को दर्शाती है, और यह भी जोड़ा कि जब ऐसे उपाय सामूहिक रूप से अपनाए जाते हैं, तो वे राष्ट्रीय आर्थिक प्रगति में योगदान देते हैं।
उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हर सांस राष्ट्र के उत्थान के लिए समर्पित है। मौजूदा वैश्विक हालात और युद्ध जैसे माहौल के बीच, हालांकि भारत के पास ईंधन का पर्याप्त भंडार है, फिर भी ईंधन का समझदारी से इस्तेमाल देश की आर्थिक प्रगति में सीधे तौर पर योगदान देगा।"
ये घटनाक्रम प्रधानमंत्री की खपत में संयम बरतने और घरेलू संसाधनों पर ज्यादा जोर देने की व्यापक अपील के बाद सामने आए हैं, जिसने गुजरात के कई जन प्रतिनिधियों को इस दिशा में कदम उठाने के लिए प्रेरित किया है।
--आईएएनएस
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