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गुजरात : डीजीपी ने पुलिस को ‘112’ इमरजेंसी रिस्पॉन्स टाइम कम करने का निर्देश दिया

गांधीनगर, 18 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ज्ञानेंद्र सिंह मलिक ने राज्य भर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे आपातकालीन सेवा '112' के लिए रिस्पॉन्स टाइम (प्रतिक्रिया समय) को कम करें और यह सुनिश्चित करें कि आपातकालीन स्थितियों में नागरिकों को तुरंत मदद मिले।
 

गांधीनगर, 18 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ज्ञानेंद्र सिंह मलिक ने राज्य भर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे आपातकालीन सेवा '112' के लिए रिस्पॉन्स टाइम (प्रतिक्रिया समय) को कम करें और यह सुनिश्चित करें कि आपातकालीन स्थितियों में नागरिकों को तुरंत मदद मिले।

मलिक ने राज्य में कानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति पर सभी पुलिस कमिश्नरों, रेंज प्रमुखों और ज़िला पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए।

यह बैठक गांधीनगर के पुलिस भवन से की गई। अधिकारियों ने 'इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम 112' के कामकाज की विस्तार से समीक्षा की और खास तौर पर इसके रिस्पॉन्स टाइम (प्रतिक्रिया समय) पर जोर दिया।

मलिक ने अधिकारियों को सिस्टम के कामकाज पर लगातार नजर रखने और जरूरत पड़ने पर सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया। बैठक में इमरजेंसी रिस्पॉन्स के लिए पुलिस की गाड़ियों और ड्राइवरों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी ध्यान दिया गया।

वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे यह सुनिश्चित करें कि जो गाड़ियां खराब हैं, उनकी तुरंत मरम्मत कराई जाए ताकि इमरजेंसी के समय पुलिस की प्रतिक्रिया पर कोई असर न पड़े।

112 के कर्मचारियों की उपस्थिति की भी समीक्षा की गई और अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे कर्मचारियों की उचित उपलब्धता सुनिश्चित करें।

बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि 112 के कर्मचारियों की छुट्टी मंजूर करते समय कंट्रोल रूम के साथ बेहतर तालमेल बिठाया जाए, ताकि कर्मचारियों की संख्या और इमरजेंसी रिस्पॉन्स की क्षमता पर कोई असर न पड़े।

मलिक ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि पुलिस की गाड़ियां मुसीबत में फंसे नागरिकों तक जल्द से जल्द पहुंचें और रिस्पॉन्स टाइम को जितना हो सके कम किया जाए। उन्होंने कामकाज की लगातार निगरानी और इमरजेंसी पुलिस सहायता को बेहतर बनाने के लिए समय पर सुधारात्मक कार्रवाई करने का भी आह्वान किया।

गुजरात केंद्र सरकार के देशव्यापी एकीकृत इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम का हिस्सा है, जिसे एक ही नंबर के जरिए पुलिस, फायर, मेडिकल और अन्य सेवाओं से जुड़ी इमरजेंसी में मदद के लिए बनाया गया है।

यह सिस्टम वॉयस कॉल, एसएमएस, ईमेल, वेब रिक्वेस्ट और एसओएस/पैनिक अलर्ट के जरिए मुसीबत की सूचनाएं प्राप्त कर सकता है। साथ ही, इसके कंट्रोल सेंटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाली गाड़ियों को रियल-टाइम में ट्रैक कर सकते हैं और सबसे पास मौजूद यूनिट को भेज सकते हैं।

आधिकारिक 112 पोर्टल के अनुसार, इस सिस्टम को निर्णय लेने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने और रिस्पॉन्स टाइम को कम करने के लिए डिजाइन किया गया है, जिसमें मुसीबत में फंसे कॉल करने वालों की लोकेशन का ऑटोमैटिक पता लगाने की सुविधा भी शामिल है।

--आईएएनएस

एससीएच