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बैंकों से छोटे उद्यमियों और किसानों तक ऋण पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित हो: सीएम भूपेंद्र पटेल

गांधीनगर, 13 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को बैंकों से कहा कि वे माइक्रो और छोटे उद्यमियों, महिला उद्यमियों, ग्रामीण कारीगरों और छोटे किसानों को आसानी से लोन और दूसरी वित्तीय मदद देकर 'आखिरी छोर तक क्रेडिट' पहुंचाना सुनिश्चित करें।
 

गांधीनगर, 13 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को बैंकों से कहा कि वे माइक्रो और छोटे उद्यमियों, महिला उद्यमियों, ग्रामीण कारीगरों और छोटे किसानों को आसानी से लोन और दूसरी वित्तीय मदद देकर 'आखिरी छोर तक क्रेडिट' पहुंचाना सुनिश्चित करें।

सीएम भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर में स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी (एसएलबीसी) की 190वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह अपील की। ​​उन्होंने सरकारी योजनाओं के तहत आवेदनों की तेजी से प्रोसेसिंग और योग्य लाभार्थियों तक ज्‍यादा से ज्‍यादा पहुंच बनाने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि पारंपरिक रूप से बैंकों को मुख्य रूप से लोन देने और वित्तीय लेन-देन करने वाली संस्थाओं के तौर पर देखा जाता रहा है, लेकिन अब उनकी भूमिका सामाजिक विकास में मदद करने और 'विकसित भारत' के विजन में योगदान देने तक बढ़ गई है।

पटेल ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है और इस सफर में बैंकिंग सेक्टर अहम भूमिका निभा रहा है।"

उन्होंने बैंकों से कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना का लाभ अभी तक न लेने वाले सभी योग्य किसान शामिल हों। उन्होंने कहा कि योजना का पूरा कवरेज होने से सही लाभार्थियों तक इसका फायदा पहुंचाने में मदद मिलेगी।

पटेल ने गुजरात की नई औद्योगिक नीति 2026 के तहत स्टार्टअप्स, महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों, दिव्यांग उद्यमियों और पहली पीढ़ी के उद्यमियों के लिए घोषित मदद और प्रोत्साहन का भी जिक्र किया।

उन्होंने बैंकों से कहा कि वे ऐसे आवेदकों को समय पर क्रेडिट, लोन और दूसरी वित्तीय मदद देने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करें।

मुख्य सचिव एमके दास ने गुजरात के विकास और तरक्की के लिए सरकार और बैंकिंग सेक्टर के बीच बेहतर तालमेल की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने राज्य की बढ़ती अर्थव्यवस्था और आर्थिक विकास दर में बैंकों के योगदान की तारीफ की। दास ने बैंकों से साइबर फ्रॉड और म्यूल अकाउंट्स को लेकर सतर्क रहने को भी कहा।

उन्होंने बैंकों से अपने ब्रांच नेटवर्क को बढ़ाने को कहा, ताकि सबसे छोटे गांवों के लोगों को भी बैंकिंग सेवाएं आसानी से मिल सकें।

बैठक में वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ टी नटराजन, बैंक ऑफ बड़ौदा के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ डॉ देबदत्त चंद. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय निदेशक अमरीश रंजन, केंद्र के वित्त मंत्रालय में निदेशक स्वागत भंडारी शामिल हुए।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी