गुजरात: सीएम भूपेंद्र पटेल ने धोलेरा क्षेत्र में चल रही परियोजनाओं का लिया जायजा
अहमदाबाद, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। गुजरात के अहमदाबाद जिले में स्थित धोलेरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के इस साल के अंत तक चालू होने की उम्मीद है। इसके साथ ही, अहमदाबाद को इस उभरते औद्योगिक केंद्र से जोड़ने वाली 20,667 करोड़ रुपये की सेमी-हाई-स्पीड रेलवे लाइन को भी मंजूरी मिल गई है।
धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन (डीएसआईआर) में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को यह जानकारी दी गई।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने धोलेरा का दौरा किया और वहां चल रही औद्योगिक, शहरी और सामाजिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। इनमें टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन सुविधा भी शामिल है, जिसे इस क्षेत्र के नियोजित सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकोसिस्टम के हिस्से के रूप में विकसित किया जा रहा है।
हाल ही में धोलेरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक कैलिब्रेशन फ्लाइट सफलतापूर्वक उतरी, जो इसके चालू होने की दिशा में एक अहम कदम है।
यह हवाई अड्डा और अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेसवे, इस क्षेत्र में कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगे। इस क्षेत्र को एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और उभरती तकनीकों के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
अहमदाबाद, डीएसआईआर, हवाई अड्डे और लोथल के बीच तेज कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए, 134 किलोमीटर लंबी अहमदाबाद-धोलेरा सेमी-हाई-स्पीड डबल रेलवे लाइन को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 20,667 करोड़ रुपये है।
इसके अलावा, 23 किलोमीटर लंबी भीमनाथ-धोलेरा लॉजिस्टिक्स हब रेलवे लाइन भी विकसित की जा रही है। अपने दौरे के दौरान सीएम पटेल ने 'टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन फैसिलिटी' के निर्माण कार्य का जायजा लिया। यह प्रस्तावित सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का एक अहम हिस्सा है।
उम्मीद है कि यह सुविधा सेमीकंडक्टर निर्माण, सहायक उद्योगों, टेक्नोलॉजी कंपनियों और कुशल रोजगार को बढ़ावा देगी।
मुख्यमंत्री ने धोलेरा एसआईआर के 'एक्टिवेशन एरिया' में विकसित किए जा रहे सामाजिक बुनियादी ढांचे का भी निरीक्षण किया। यह ढांचा इस क्षेत्र में आने वाले उद्योगों के कर्मचारियों और वहां रहने वाले लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार किया जा रहा है।
इन सुविधाओं में 200 बिस्तरों वाला मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल, एक इंटीग्रेटेड स्कूल, फायर स्टेशन, 42 कमरों वाला गेस्ट हाउस, 600 लोगों की क्षमता वाला फूड कोर्ट, 50 टेंट वाला टेंट सिटी, एक होटल, और आवासीय व व्यावसायिक परियोजनाएं शामिल हैं।
सीएम पटेल ने वन विभाग द्वारा सद्भावना ट्रस्ट के सहयोग से चलाए जा रहे वृक्षारोपण अभियान का भी जायजा लिया। इस परियोजना के तहत 53 हेक्टेयर हरित क्षेत्र में 1.11 लाख से अधिक पौधे लगाए जा रहे हैं।
उन्होंने 'ड्रम प्लांटेशन' तकनीक के इस्तेमाल का आकलन किया, जिसका उद्देश्य पेड़ों के जीवित रहने की दर (सर्वाइवल रेट) को बेहतर बनाना है। साथ ही, उन्होंने औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने के संदर्भ में इस पहल की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने लोथल में बन रहे 'नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स' की प्रगति की भी समीक्षा की। यह राज्य सरकार द्वारा उन प्रमुख विकास परियोजनाओं के ऑन-साइट मूल्यांकन का हिस्सा है, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप आगे बढ़ाया जा रहा है।
इस दौरे के दौरान, धोलेरा इंडस्ट्रियल सिटी डेवलपमेंट लिमिटेड (डीआईसीडीएल) के प्रबंध निदेशक डॉ. कुलदीप आर्य ने धोलेरा एसआईआर की प्रगति पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी। इसमें औद्योगिक और शहरी बुनियादी ढांचा, सामाजिक सुविधाएं, कनेक्टिविटी परियोजनाएं और क्षेत्र के भविष्य के विकास का रोडमैप शामिल था।
धोलेरा को एक सेमीकंडक्टर निर्माण केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां एक ऐसा औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है, जिसे परिवहन संपर्कों और इस क्षेत्र में काम करने व रहने वाले लोगों के लिए जरूरी सुविधाओं का समर्थन प्राप्त है।
--आईएएनएस
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