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गुजरात के मुख्यमंत्री ने अवैध खनन और आवास योजना के उल्लंघन की जांच के आदेश दिए

गांधीनगर, 27 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को जिला प्रशासन और भूविज्ञान एवं खनन आयुक्त को मेहसाना जिले में गौचर भूमि पर कथित अवैध खनन के खिलाफ तत्काल और कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही, उन्होंने पाटन जिले में सरकारी आवास योजना के तहत आवंटित घरों के कथित अवैध किराएदारी की जांच के आदेश भी दिए।
 

गांधीनगर, 27 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को जिला प्रशासन और भूविज्ञान एवं खनन आयुक्त को मेहसाना जिले में गौचर भूमि पर कथित अवैध खनन के खिलाफ तत्काल और कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही, उन्होंने पाटन जिले में सरकारी आवास योजना के तहत आवंटित घरों के कथित अवैध किराएदारी की जांच के आदेश भी दिए।

ये निर्देश अगस्त में आयोजित राज्य स्वागत ऑनलाइन शिकायत निवारण कार्यक्रम के दौरान जारी किए गए।

हर महीने के चौथे गुरुवार को आयोजित होने वाले इस मासिक कार्यक्रम के माध्यम से नागरिक अपनी अनसुलझी शिकायतों को सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष रख सकते हैं।

मेहसाना जिले के काडा गांव में गौचर भूमि पर अवैध खनन की शिकायत का गंभीर संज्ञान लेते हुए पटेल ने जिला प्रशासन और भूविज्ञान एवं खनन आयुक्त को तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

पाटन जिले के एक अन्य मामले में मुख्यमंत्री ने एक शिकायत का संज्ञान लिया जिसमें आरोप लगाया गया था कि आवास योजना के तहत आवंटित घरों के लाभार्थी अवैध रूप से आवंटित संपत्तियों को किराए पर दे रहे हैं।

उन्होंने जिला कलेक्टर को उचित जांच करने और उसके निष्कर्षों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

राज्यव्यापी स्वागत कार्यक्रम के दौरान गांधीनगर, अरावली, अहमदाबाद, गिर सोमनाथ, साबरकांठा और वाव-थराद जिलों के नागरिक विभिन्न शिकायतों के साथ मुख्यमंत्री के समक्ष उपस्थित हुए।

पटेल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायत की शीघ्र और उचित तरीके से जांच और समाधान सुनिश्चित किया जाए। अगस्त में आयोजित राज्यव्यापी स्वागत कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री कार्यालय में 171 से अधिक शिकायतकर्ता उपस्थित हुए।

इसके अतिरिक्त, जिला स्वागत कार्यक्रम के माध्यम से प्राप्त 2,285 शिकायतों और तालुका स्वागत कार्यक्रम के माध्यम से प्राप्त 3,028 शिकायतों पर कार्रवाई शुरू की गई। कुल मिलाकर, इस माह के दौरान 5,313 शिकायतें दर्ज की गईं।

राज्य सरकार ने स्वागत कार्यक्रम को शिकायतों के सीधे निवारण के लिए एक मंच के रूप में उपयोग किया है, और पटेल नियमित रूप से जिला अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर मामलों का समाधान करने और नागरिकों को अनावश्यक प्रशासनिक देरी से बचाने का निर्देश देते रहे हैं।

कार्यक्रम में अतिरिक्त प्रधान सचिव, मुख्यमंत्री डॉ. विक्रांत पांडे, विशेष कर्तव्य अधिकारी धीरज पारेख और राकेश व्यास, संबंधित जिलों के कलेक्टर और विभिन्न सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

--आईएएनएस

एमएस/