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गुजरात के मुख्यमंत्री ने सीमा पर अवैध गतिविधियों के खिलाफ समन्वित कार्रवाई का आह्वान किया

गांधीनगर, 30 सितंबर (आईएएनएस)। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने बुधवार को 'गुजरात चतुर्भुज सुरक्षा ग्रिड' की उच्च स्तरीय बैठक में राज्य के सीमा सुरक्षा ढांचे की समीक्षा की। बैठक में घुसपैठ, नशीले पदार्थों, आर्थिक अपराधों और अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ निगरानी और समन्वित कार्रवाई को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
 

गांधीनगर, 30 सितंबर (आईएएनएस)। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने बुधवार को 'गुजरात चतुर्भुज सुरक्षा ग्रिड' की उच्च स्तरीय बैठक में राज्य के सीमा सुरक्षा ढांचे की समीक्षा की। बैठक में घुसपैठ, नशीले पदार्थों, आर्थिक अपराधों और अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ निगरानी और समन्वित कार्रवाई को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

गांधीनगर में हुई बैठक में सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा तंत्र को 'वन बॉर्डर-वन पिक्चर-वन चेन ऑफ एक्शन' के सिद्धांत के तहत एकीकृत करने पर चर्चा हुई, ताकि निरंतर निगरानी और सुरक्षा संबंधी गतिविधियों पर समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके।

चतुर्भुज सुरक्षा ग्रिड चार स्तंभों, सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय एजेंसियां, राज्य और जिला प्रशासन, और नागरिक पर आधारित है।

इस अवधारणा को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में सीमावर्ती जिले भुज में आयोजित एक बैठक में प्रस्तुत किया था।

बैठक में सीमा सुरक्षा से संबंधित छह प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिनमें घुसपैठ, नशीले पदार्थ, जनसंख्या संतुलन और आर्थिक अपराध शामिल हैं।

अधिकारियों ने निरंतर निगरानी बनाए रखने और विभिन्न एजेंसियों के हस्तक्षेप की आवश्यकता वाले मामलों में समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के तंत्रों पर चर्चा की।

पटेल ने केंद्रीय एजेंसियों और राज्य पुलिस प्रशासन के बीच समन्वय की सराहना की और सभी विभागों में 360 डिग्री निगरानी प्रणाली को और मजबूत करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों, घुसपैठ, मादक पदार्थों की तस्करी और अतिक्रमण में शामिल लोगों को स्पष्ट संदेश दिया जाना चाहिए कि गुजरात में कहीं भी ऐसी गतिविधियों या कृत्यों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

संघवी ने संबंधित विभागों को उनके कार्यों के लिए बधाई दी और इस बात पर जोर दिया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियां नियमित प्रशासनिक कार्यों से अलग हैं।

उन्होंने समयबद्ध और परिणामोन्मुखी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सीमा सुरक्षा जिम्मेदारियों के लिए समर्पित और उत्साही कर्मियों की तैनाती का आह्वान किया।

उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की एजेंसियों से एकीकृत दृष्टिकोण अपनाने और आपसी समन्वय में काम करने का भी आग्रह किया।

उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई निर्बाध रूप से जारी रहे।

इस बैठक में केंद्रीय एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी, मुख्य सचिव एमके दास, संबंधित विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजीव कुमार, विभिन्न विभागों के प्रधान सचिव और राज्य पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सीमावर्ती जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक भी बैठक में शामिल हुए।

--आईएएनएस

एमएस/