गुजरात: अहमदाबाद मंडल ने खाखरेची में रेलवे भूमि पर कार्गो टर्मिनल के लिए 35 साल का ठेका दिया
अहमदाबाद, 6 नवंबर (आईएएनएस)। पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल ने खाखरेची में रेलवे की 80,413 वर्गमीटर भूमि पर एक नया कार्गो टर्मिनल विकसित करने के लिए एक निजी लॉजिस्टिक्स कंपनी को 35 साल का ठेका दिया है। इस परियोजना से रेलवे की आय बढ़ने के साथ-साथ क्षेत्र में माल ढुलाई क्षमता का भी विस्तार होगा।
यह ठेका रेलवे बोर्ड की गति शक्ति कार्गो टर्मिनल (जीसीटी) नीति 2026 के तहत एमिरेट्स लॉजिस्टिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया है।
यह अहमदाबाद मंडल का पहला कार्गो टर्मिनल होगा, जिसे इस नीति की शेड्यूल-2 श्रेणी के तहत विकसित किया जाएगा।
इस टर्मिनल का विकास निजी निवेश से किया जाएगा और इसमें माल की लोडिंग एवं अनलोडिंग के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
इस परियोजना से भारतीय रेलवे को हर साल 15 लाख रुपए से अधिक का भूमि लाइसेंस शुल्क मिलेगा। इसके अलावा राजस्व साझेदारी के जरिए भी अतिरिक्त आय प्राप्त होगी।
यह विकास ऐसे समय में हो रहा है, जब अहमदाबाद मंडल के आठ संचालित गति शक्ति कार्गो टर्मिनलों ने इस वर्ष अप्रैल से अक्टूबर के बीच 23 लाख टन से अधिक माल की हैंडलिंग की है, जिससे 330 करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है।
इन सात महीनों के दौरान इन टर्मिनलों पर 1,700 से अधिक रैक, जिनमें 65,000 से अधिक वैगन शामिल थे, लोड किए गए।
इन टर्मिनलों के जरिए कंटेनर, नमक, बेंटोनाइट, सीमेंट, उर्वरक, चीनी और दालों जैसी वस्तुओं का परिवहन किया गया।
मंडल रेल प्रबंधक वेद प्रकाश ने कहा कि नया टर्मिनल क्षेत्र में माल परिवहन सुविधाओं का विस्तार करेगा और उद्योगों तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सामान भेजने के लिए बेहतर विकल्प उपलब्ध कराएगा।
उन्होंने कहा, "आधुनिक कार्गो हैंडलिंग सुविधाओं से माल की लोडिंग और अनलोडिंग आसान होगी और रेलवे आधारित माल परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।"
समझौते के तहत निजी कंपनी रेलवे की भूमि पर बिना किसी रेलवे पूंजी निवेश के आवश्यक ढांचा विकसित करेगी।
इस परियोजना से रेलवे को भूमि लाइसेंस शुल्क और राजस्व साझेदारी के माध्यम से नियमित आय भी होगी।
यह पहल प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य परिवहन संपर्क बेहतर बनाना, बुनियादी ढांचे का विकास करना और एकीकृत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क तैयार करना है।
रेल मार्ग से माल परिवहन बढ़ने से सड़क परिवहन पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है। इससे पर्यावरण के अनुकूल परिवहन प्रणाली को भी बढ़ावा मिलेगा।
--आईएएनएस
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