पीयूष गोयल ने भारत-जापान संबंधों को मजबूत करने के लिए भारतीय समुदाय की तारीफ की
नई दिल्ली, 25 अगस्त (आईएएनएस)। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को भारत-जापान संबंधों को मजबूत करने में जापान में रहने वाले भारतीय समुदाय के योगदान की तारीफ की।
पीयूष गोयल ने टोक्यो में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए जापान में रहने वाले लगभग 60,000 भारतीयों को 'भारत का ब्रांड एंबेसडर' बताया।
गोयल ने कहा कि जापान की अपनी यात्रा के दौरान जो ऊर्जा, उत्साह और आत्मविश्वास देखने को मिला, वह भारत-जापान संबंधों की बढ़ती मजबूती को दर्शाता है। उन्होंने जापानी समाज के साथ अपने काम और जुड़ाव के माध्यम से सद्भावना बनाने के लिए भारतीय समुदाय का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने बताया कि जापान की यात्रा के दौरान उनके साथ आए प्रतिनिधिमंडल में भारतीय उद्योग और व्यापार जगत के 200 से अधिक प्रतिनिधि शामिल थे। इसे जापान ले जाया गया अपना सबसे बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल बताते हुए उन्होंने कहा कि इसमें बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी दोनों पक्षों की ओर से बिजनेस-टू-बिजनेस जुड़ाव और निवेश के अवसरों को बढ़ाने में गहरी रुचि को दर्शाती है।
मंत्री ने पिछले दशक में वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति में आए बदलाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत की विकास दर, वैश्विक स्तर पर देश की बढ़ती पहचान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व ने दुनिया भर में भारत और उसके नागरिकों के प्रति विश्वास और सम्मान बढ़ाने में योगदान दिया है।
गोयल ने भारत की जनसांख्यिकीय बढ़त (डेमोग्राफिक एडवांटेज) पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत की युवा आबादी, जिसकी औसत आयु लगभग 29 वर्ष है, एक बड़ी ताकत है।
मंत्री ने निवेश और व्यापार के केंद्र के रूप में भारत के प्रति बढ़ते आकर्षण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था, युवा आबादी, स्टार्टअप, तकनीकी क्षमताएं और उद्यमिता का माहौल वैश्विक व्यवसायों और निवेशकों के लिए बड़े अवसर पैदा कर रहे हैं।
गोयल ने भारत के व्यापार समझौतों के बढ़ते नेटवर्क पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में भारत ने कई देशों के साथ व्यापार समझौते करने में उल्लेखनीय प्रगति की है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था और उसकी भविष्य की क्षमता में वैश्विक भागीदारों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
मंत्री ने कहा कि जापानी कंपनियों के साथ हुई बातचीत से भारत के प्रति बढ़ती रुचि का पता चलता है। इन कंपनियों में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जापानी व्यवसाय भारत के साथ अपना जुड़ाव बढ़ाने के इच्छुक हैं और उभरते तथा हाई-टेक्नोलॉजी क्षेत्रों में अवसरों की तलाश कर रहे हैं।
गोयल ने जापान में भारतीय पेशेवरों के लिए मौजूद अवसरों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि केयरगिवर, नर्स, वेल्डर, बढ़ई, इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर, ड्राइवर, इंजीनियर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रोफेशनल, चार्टर्ड अकाउंटेंट और समुद्री कर्मचारियों (सीफेयरर्स) समेत कई सेक्टर में कुशल कर्मचारियों की काफी मांग है।
गोयल ने रेमिटेंस (विदेश से भेजी जाने वाली रकम) के जरिए भारत की अर्थव्यवस्था में प्रवासी भारतीयों के अहम योगदान पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि रेमिटेंस परिवारों को सहारा देता है, आर्थिक गतिविधियां बढ़ाता है और बचत व निवेश में योगदान देता है, जिससे प्रवासी भारतीय देश की विकास यात्रा में एक अहम भागीदार बन जाते हैं।
उन्होंने विदेशों में रहने वाले भारतीयों की भलाई और सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर भी जोर दिया।
दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में संकट के समय नागरिकों को निकालने और उनकी मदद करने के भारत के प्रयासों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है, चाहे वे कहीं भी हों।
--आईएएनएस
एएसएच/डीकेपी
