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पेंशन विवाद रोकने के लिए नियमों में बदलाव करेगी सरकार : जितेंद्र सिंह

नई दिल्ली, 20 जुलाई (आईएएनएस)। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोमवार को पेंशन नियमों की व्यापक समीक्षा करने की बात कही, ताकि वे बदलती सामाजिक वास्तविकताओं के अनुरूप हों।
 

नई दिल्ली, 20 जुलाई (आईएएनएस)। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोमवार को पेंशन नियमों की व्यापक समीक्षा करने की बात कही, ताकि वे बदलती सामाजिक वास्तविकताओं के अनुरूप हों।

उन्होंने कहा कि पुराने नियम पेंशन से जुड़े बार-बार होने वाले मुकदमों का एक मुख्य कारण हैं। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।

पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग द्वारा आयोजित पेंशन मुकदमों पर दूसरी राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य नीतिगत सुधारों, सरल नियमों, शिकायतों के बेहतर समाधान और मंत्रालयों के बीच बेहतर तालमेल के माध्यम से 'जीरो-लिटिगेशन' (बिना मुकदमे वाला) पेंशन इकोसिस्टम बनाना है।

उन्होंने कहा कि पेंशन प्रशासन का ध्यान विवादों के अदालतों तक पहुंचने के बाद उन्हें सुलझाने के बजाय समय पर नीतिगत बदलावों के जरिए विवादों को रोकने पर होना चाहिए।

जितेंद्र सिंह ने कहा, "बार-बार होने वाले मुकदमे अक्सर यह संकेत देते हैं कि कुछ नियमों पर पुनर्विचार की आवश्यकता है।"

मंत्री ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में उठने वाली समान शिकायतों को अलग-थलग मामलों के रूप में देखने के बजाय, उनसे जुड़ी मूल नीति की समीक्षा की जानी चाहिए।

हाल के सुधारों पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने अलग रह रही बेटियों को पेंशन लाभ देने के लिए पात्रता नियमों को सरल बनाने के सरकार के फैसले का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऐसे उपायों से लंबी कानूनी कार्यवाही की जरूरत कम हुई है और पेंशन नीतियां अधिक मानवीय और समावेशी बनी हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि हाल के वर्षों में पुराने प्रशासनिक ढांचे से मिले कई पारिवारिक पेंशन प्रावधानों में संशोधन किया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लाभार्थियों को बिना अदालती हस्तक्षेप के उचित लाभ मिले।

उन्‍होंने नीति-निर्माण के लिए शोध-आधारित दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान करते हुए विभागों से मुकदमों के रुझानों और हितधारकों की प्रतिक्रिया का विश्लेषण करने को कहा ताकि मौजूदा नियमों में कमियों की पहचान की जा सके।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस बात पर भी जोर दिया कि शिकायत निवारण का उपयोग केवल शिकायतों के निपटारे के बजाय नीतियों में सुधार के एक साधन के रूप में किया जाना चाहिए।

मंत्री ने कहा कि पेंशनभोगियों की चिंताओं को बेहतर ढंग से समझने के लिए तकनीक के साथ-साथ उनसे व्यक्तिगत बातचीत भी होनी चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान, डॉ. जितेंद्र सिंह ने पेंशन मुकदमों पर केस लॉ का एक संग्रह लॉन्च किया। इसमें पेंशन मुकदमों और विभाग के 'विशेष अभियान 3.0' पर एक फ्लायर भी शामिल था, जिसका उद्देश्य मुकदमों के प्रबंधन को मजबूत करना और नागरिक-केंद्रित पेंशन सेवाओं में सुधार करना है।

पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग के मुताबिक, पिछले एक साल में इसके 'लिटिगेशन इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम' पर पेंशन मुकदमों के मामलों में लगभग 20 प्रतिशत की कमी आई है। विभाग ने यह भी कहा कि केंद्रीकृत पेंशन शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (सीपीईएनजीआरएएमएस) पोर्टल के जरिए पेंशन से जुड़ी शिकायतों के निपटारे का औसत समय घटाकर 20 दिन से कम कर दिया गया है।

--आईएएनएस

एएसएच/वीसी