सरकार बहस के लिए तैयार, मानसून सत्र में विपक्ष पॉलिटिक्स करेगा तो वैसा ही जवाब मिलेगा: सीएम फडणवीस
मुंबई, 21 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मानसून सेशन से एक दिन पहले रविवार को राजनीतिक दिखावे के बजाय अच्छे शासन के प्रति प्रतिबद्धता पर जोर दिया।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम ने कहा कि सरकार किसानों की भलाई और कानूनी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए फ्लोर पर बहस करने के लिए तैयार है।
सीएम देवेंद्र फडणवीस, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार ने आम चाय मीटिंग का बॉयकॉट करने के विपक्ष के कदम की आलोचना की और उस पर बिना किसी नए मुद्दे का जिक्र किए सरकार को एक घिसा-पिटा लेटर भेजने का आरोप लगाया।
सीएम फडणवीस ने सरकार की 36,585 करोड़ रुपए की फसल लोन माफी स्कीम का जोरदार बचाव करते हुए कहा कि इसे बिना किसी चुनावी सोच के शुरू किया गया था।
उन्होंने दावा किया कि फसल लोन माफी स्कीम किसानों को बिना किसी परेशानी के खेती जारी रखने में मदद करने के लिए शुरू की गई थी।
उन्होंने आगे कहा कि इस बड़ी फार्म लोन माफी स्कीम से पूरे राज्य में लगभग 56 लाख किसानों को फायदा होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि 2019 से 2025 के बीच डिफॉल्टेड फसल लोन और रीस्ट्रक्चर्ड नॉन-परफॉर्मिंग एसेट अकाउंट्स को बिना किसी लैंडहोल्डिंग क्राइटेरिया के हर किसान के 2 लाख रुपए तक पूरी तरह माफ कर दिया जाएगा।
जिन किसानों ने पिछले तीन सालों में रेगुलर तौर पर अपने फसल लोन समय पर चुकाए हैं, उन्हें 50,000 रुपए का फाइनेंशियल इंसेंटिव मिलेगा।
उन्होंने माना कि एल नीनो ने चुनौतियां खड़ी की हैं, लेकिन कहा कि सरकार ने इसे कम करने के कई उपाय किए हैं।
उन्होंने किसानों से बुआई के काम में जल्दबाजी न करने की भी अपील की, क्योंकि जून के आखिर या जुलाई की शुरुआत तक थोड़ी-बहुत बारिश होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र को स्ट्रक्चरल स्कीमों को लागू करने के लिए केंद्र सरकार से काफी सपोर्ट और फाइनेंशियल मदद मिली है, जिससे यह पक्का हो सके कि राज्य के पास उन्हें असरदार तरीके से लागू करने के लिए जरूरी सपोर्ट है।
फडणवीस ने कहा कि सेशन के दौरान कुल 10 जरूरी लेजिस्लेटिव बिल पेश किए जाएंगे।
इन बिलों की खास बातों में से एक यह है कि महिला किसानों को इंडिपेंडेंट लीगल स्टेटस देने का प्रोविजन है।
प्रपोज्ड लीगल फ्रेमवर्क यह पक्का करेगा कि महिलाएं खेती की जमीन के टाइटल की को-ओनर हों और सीधे इंस्टीट्यूशनल क्रेडिट, इंडिपेंडेंट सब्सिडी और सरकारी बेनिफिट्स पा सकें।
नए बिलों के अलावा, लेजिस्लेटिव काउंसिल में अभी रुके हुए एक पेंडिंग बिल को विचार के लिए पेश किया जाएगा।
नेशनल एंट्रेंस एग्जामिनेशन से जुड़ी चिंताओं पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र में नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (नीट) बिना किसी टेक्निकल या सिस्टमिक कमी के आसानी से हुआ।
उन्होंने कहा कि राज्य की मशीनरी ने गलत कामों को खत्म करने के लिए बड़े पैमाने पर रोकथाम के कदम उठाए हैं, जिससे यह पक्का हो सके कि असली मेडिकल कैंडिडेट के हितों की रक्षा हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता आम नागरिकों के हितों की रक्षा करना है।
उन्होंने कहा कि हमारी बुनियादी कोशिश एक्टिव बातचीत पर आधारित है। हम किसी भी कंस्ट्रक्टिव लेजिस्लेटिव सवाल का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अगर अपोजिशन पॉलिटिक्स करना चाहेगा तो उन्हें वैसा ही पॉलिटिकल जवाब मिलेगा। अगर वे सोशल मामले सामने लाएंगे तो उन्हें एक लॉजिकल सोशल जवाब मिलेगा।
इस बीच, विपक्ष ने सीएम की टी मीटिंग का बॉयकॉट करने के अपने फैसले को सही ठहराया, और सरकार के जरूरी मुद्दों पर फेलियर का हवाला दिया।
--आईएएनएस
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