सरकार ने लॉन्च किया 'हैंडलूम हैकाथॉन 2026', हथकरघा क्षेत्र में नवाचार को मिलेगा बढ़ावा
नई दिल्ली, 8 जुलाई (आईएएनएस)। सरकार ने भारत के हथकरघा (हैंडलूम) क्षेत्र में तकनीक, डिजाइन, उद्यमिता और टिकाऊ समाधानों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्तर की नवाचार प्रतियोगिता "हैंडलूम हैकाथॉन 2026 – 'बुनाई नवाचार'" लॉन्च की है। केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय ने बुधवार को जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी।
वस्त्र मंत्रालय के तहत विकास आयुक्त (हथकरघा) कार्यालय द्वारा राष्ट्रीय हथकरघा दिवस 2026 के अवसर पर आयोजित इस हैकाथॉन का ग्रैंड फिनाले 1 अगस्त को आईआईटी दिल्ली के फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (एफआईटीटी) में आयोजित किया जाएगा।
ग्रैंड फिनाले में चयनित टीमें अपने नवाचार और समाधान प्रस्तुत करेंगी, जिनका मूल्यांकन शिक्षा जगत, उद्योग, डिजाइन, प्रौद्योगिकी और हथकरघा क्षेत्र के विशेषज्ञों की जूरी करेगी।
विकास आयुक्त (हैंडलूम) एम. बीना ने कहा कि 'हैंडलूम हैकाथॉन 2026' का उद्देश्य भारत के युवाओं की रचनात्मक सोच को देश की समृद्ध हथकरघा विरासत से जोड़ना है।
उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से ऐसे व्यावहारिक और बड़े स्तर पर लागू किए जा सकने वाले समाधान विकसित करने का प्रयास किया जाएगा, जो हथकरघा क्षेत्र की प्रमुख चुनौतियों का समाधान करें, इसकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाएं और इसके सतत विकास में योगदान दें। यह मंच बुनकरों, छात्रों, डिजाइनरों और तकनीकी विशेषज्ञों को एक साथ लाकर सहयोग को बढ़ावा देगा।
इस प्रतियोगिता में वस्त्र, फैशन, डिजाइन, इंजीनियरिंग, प्रबंधन और प्रौद्योगिकी की पढ़ाई कर रहे छात्र, हथकरघा बुनकर, कारीगर, शोधकर्ता, स्टार्टअप, उद्यमी, नवोन्मेषक और विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवर भाग ले सकेंगे।
हैकाथॉन के तहत उत्पाद और डिजाइन नवाचार, सतत विकास और सर्कुलर इकोनॉमी, डिजिटल तकनीक, बाजार तक पहुंच, ब्रांडिंग, सप्लाई चेन की दक्षता, उत्पादकता बढ़ाने, व्यवसाय विकास और सामाजिक प्रभाव जैसे विषयों पर नवाचारी समाधान आमंत्रित किए गए हैं।
मंत्रालय के अनुसार, 20 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन पंजीकरण खुले रहेंगे और इच्छुक प्रतिभागी हैकाथॉन के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपना रजिस्ट्रेशन कर अपने आइडिया प्रस्तुत कर सकते हैं।
सरकार का लक्ष्य ऐसे प्रभावी और व्यवहारिक समाधानों की पहचान करना है, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर साझेदार संस्थानों के सहयोग से मेंटरशिप, इनक्यूबेशन और आगे के विकास के लिए चुना जा सके।
वस्त्र मंत्रालय ने कहा कि यह पहल हथकरघा क्षेत्र के आधुनिकीकरण, प्रतिस्पर्धात्मकता और दीर्घकालिक स्थिरता को बढ़ावा देने के साथ-साथ भारत के हथकरघा पारिस्थितिकी तंत्र और देश के नवाचार एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम के बीच बेहतर सहयोग को भी प्रोत्साहित करेगी।
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