कर्मचारियों और उनके परिवारों की जरूरतों के प्रति संवेदनशील बने सरकारी सिस्टम: जितेंद्र सिंह
नई दिल्ली, 5 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकारी सेवा नियमों को कर्मचारियों और उनके परिवारों की जरूरतों के प्रति अधिक संवेदनशील और उपयोगी बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जाने चाहिए।
केंद्रीय सचिवालय सेवा (सीएसएस) फोरम की 'सीएसएस शील्ड' पहल के शुभारंभ कार्यक्रम में बोलते हुए मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि दिवंगत कर्मचारियों के परिवारों की सहायता के लिए सामूहिक प्रयास, मुश्किल समय में अपने सहकर्मियों के साथ खड़े रहने की नई संस्कृति विकसित कर सकते हैं।
यह पहल सीएसएस अधिकारियों के निधन पर उनके परिवारों को आपसी सहयोग प्रदान करने की एक व्यवस्था है। इस पहल के तहत मंत्री ने दिवंगत अधिकारियों मोहन चंद्र भट्ट और राजेंद्र चंद्र के परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की।
उन्होंने कहा कि जब सहकर्मी एक परिवार की तरह मिलकर किसी शोकाकुल परिवार की मदद करते हैं, तो यह केवल संगठन ही नहीं बल्कि पूरे समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश होता है। उन्होंने कहा कि यह पहल कर्मचारियों और उनके परिवारों की जरूरतों के प्रति सरकारी व्यवस्था को अधिक संवेदनशील बनाने के व्यापक प्रयासों के अनुरूप है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की कार्यशैली का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि नियमों और प्रक्रियाओं की लगातार समीक्षा करने तथा जहां सुधार की आवश्यकता हो वहां आवश्यक बदलाव करने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जाता है।
सरकार के अनुसार, सीएसएस फोरम के प्रतिनिधियों ने बताया कि 'सीएसएस शील्ड' के औपचारिक शुभारंभ से पहले भी फोरम स्वैच्छिक योगदान के माध्यम से दिवंगत सीएसएस अधिकारियों के परिवारों की सहायता करता रहा है।
सरकार ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान कई सीएसएस अधिकारियों की मृत्यु हुई थी। इस अनुभव ने आपसी सहयोग की एक व्यवस्थित और मजबूत व्यवस्था की आवश्यकता को और अधिक स्पष्ट किया।
फोरम ने बताया कि वर्ष 2020 से अब तक सीएसएस अधिकारियों ने मिलकर लगभग 1.30 करोड़ रुपए का योगदान दिया है, जिससे करीब 65 से 70 दिवंगत अधिकारियों के परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।
सरकार के अनुसार, नई पहल के तहत फोरम का लक्ष्य प्रत्येक शोकाकुल परिवार को कम से कम 15 लाख रुपए की सहायता उपलब्ध कराना है। साथ ही, भागीदारी बढ़ने के साथ भविष्य में इस सहायता राशि को और बढ़ाने का भी उद्देश्य है।
--आईएएनएस
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