Aapka Rajasthan

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान युद्ध रणनीति में स्पष्टता की कमी : रिपब्लिकन सीनेटर

वॉशिंगटन, 22 मार्च (आईएएनएस)। एक प्रभावशाली रिपब्लिकन सीनेटर ने ईरान संघर्ष में ट्रंप प्रशासन के उद्देश्यों की अस्पष्टता पर चिंता जताई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह रुख प्रमुख सहयोगियों के साथ संबंधों को कमजोर कर सकता है, हालांकि उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कुछ नीतियों का समर्थन भी किया।
 
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान युद्ध रणनीति में स्पष्टता की कमी : रिपब्लिकन सीनेटर

वॉशिंगटन, 22 मार्च (आईएएनएस)। एक प्रभावशाली रिपब्लिकन सीनेटर ने ईरान संघर्ष में ट्रंप प्रशासन के उद्देश्यों की अस्पष्टता पर चिंता जताई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह रुख प्रमुख सहयोगियों के साथ संबंधों को कमजोर कर सकता है, हालांकि उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कुछ नीतियों का समर्थन भी किया।

एबीसी न्यूज के कार्यक्रम में एक साक्षात्कार के दौरान सीनेटर थॉम टिलिस ने कहा कि ईरान में अमेरिकी रणनीति अभी भी स्पष्ट नहीं है।

टिलिस ने युद्ध के उद्देश्य के बारे में पूछे जाने पर कहा, “मुझे नहीं पता और मुझे लगता है कि यह एक गंभीर समस्या है।”

उन्होंने कहा कि शुरुआती सैन्य कार्रवाई प्रभावी प्रतीत हुई। मुझे लगा कि कुछ समय पहले की गई शुरुआती बमबारी बहुत सफल रही। साथ ही यह भी जोड़ा कि सीमित फॉलो-अप अभियानों को उचित ठहराया जा सकता है।

हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि व्यापक रणनीति अभी भी अनिश्चित है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अभी यह बहुत अस्पष्ट है। मुझे नहीं पता कि हमारे दीर्घकालिक रणनीतिक लक्ष्य क्या हैं।

ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं, जब पेंटागन युद्ध प्रयास के लिए 200 अरब डॉलर तक की संभावित मांग की तैयारी कर रहा है, जिसके लिए कांग्रेस में द्विदलीय समर्थन आवश्यक होगा।

टिलिस ने कहा कि ऐसी धनराशि को मंजूरी देने से पहले सांसदों को स्पष्टता चाहिए। हमें यह जानना होगा कि यह पैसा कैसे खर्च किया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि फंडिंग के लिए राजनीतिक सहमति जरूरी होगी। डेमोक्रेटिक पार्टी के समर्थन की आवश्यकता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा क‍ि हमें यह पता लगाना होगा कि इसे कैसे हासिल किया जाए।

साथ ही, टिलिस ने क्षेत्र में अमेरिकी हस्तक्षेप के बाद अलगाववाद की ओर झुकाव के खिलाफ चेतावनी दी।

उन्होंने कहा, “हम ऐसा नहीं कर सकते कि पहले हस्तक्षेप करें और फिर अचानक अंत में अलगाववादी बन जाएं।”

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं और सहयोगी अर्थव्यवस्थाएं होर्मुज स्ट्रेट में स्थिरता पर निर्भर करती हैं। हमारे सहयोगी, हमारे साझेदार और जिन लोगों पर हम मध्य पूर्व को स्थिर करने के लिए भरोसा करते हैं... वे इसी पर निर्भर हैं।

टिलिस ने नाटो की आलोचना का भी खंडन किया, जब ट्रंप ने सहयोगियों को क्षेत्र में प्रयासों का समर्थन करने के लिए अनिच्छुक बताया।

टिलिस ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि वे कायर हैं।” उन्‍होंने कहा कि‍ सैन्य कार्रवाई से पहले सहयोगियों से परामर्श नहीं किया गया था, जिससे उनकी प्रतिक्रिया प्रभावित हुई। मुझे लगता है कि वे लोग हैं जिनसे एक बड़े सैन्य अभियान पर सलाह नहीं ली गई।

उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिकी कदम दीर्घकालिक साझेदारियों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। आप दोनों तरीके नहीं अपना सकते, पहले सैन्य हस्तक्षेप करना और फिर सहयोगियों से परिणाम संभालने की उम्मीद करना।

--आईएएनएस

एवाई/एबीएम