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वैश्विक संघर्षों के चलते मार्च में गोल्ड ईटीएफ निवेश में आई गिरावट

मुंबई, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। एम्फी यानी एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) के मार्च 2026 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) में मार्च के दौरान निवेश में भारी गिरावट देखने को मिली और गोल्ड ईटीएफ में शुद्ध निवेश घटकर 2,266 करोड़ रुपए रह गया, जो फरवरी के मुकाबले आधे से भी कम है।
 
वैश्विक संघर्षों के चलते मार्च में गोल्ड ईटीएफ निवेश में आई गिरावट

मुंबई, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। एम्फी यानी एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) के मार्च 2026 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) में मार्च के दौरान निवेश में भारी गिरावट देखने को मिली और गोल्ड ईटीएफ में शुद्ध निवेश घटकर 2,266 करोड़ रुपए रह गया, जो फरवरी के मुकाबले आधे से भी कम है।

फरवरी में निवेशकों ने इन फंड्स में 5,255 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश किया था, जिससे यह गिरावट काफी अहम मानी जा रही है।

इस गिरावट की मुख्य वजह भू-राजनीतिक अनिश्चितता रही, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों के सेंटिमेंट को प्रभावित किया।

गोल्ड ईटीएफ, जो सोने की कीमत को ट्रैक करते हैं, निवेश का एक आसान और टैक्स-एफिशिएंट विकल्प माने जाते हैं। इनमें निवेश करने पर फिजिकल गोल्ड रखने की जरूरत नहीं होती, जिससे सुरक्षा और स्टोरेज की चिंता खत्म हो जाती है।

फिलहाल भारत में ऐसे 25 गोल्ड ईटीएफ स्कीम्स निवेशकों के लिए उपलब्ध हैं। निवेश में यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब सोने की कीमतों में भारी गिरावट आई है।

घरेलू बाजार में मार्च के दौरान सोने की कीमतों में करीब 11 प्रतिशत की गिरावट आई, जो उसी अवधि में बेंचमार्क निफ्टी 50 इंडेक्स में आई गिरावट के समान रही।

कीमतों में इस गिरावट से निवेशकों की रुचि कम हुई है, जबकि आमतौर पर अनिश्चितता के समय सोना एक सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन) माना जाता है।

हालांकि, इनफ्लो में कमी के बावजूद गोल्ड ईटीएफ का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) मजबूत बना रहा।

31 मार्च तक एयूएम 1.71 लाख करोड़ रुपए रहा, जो पहले सोने की कीमतों में आई तेजी के कारण बढ़ा था।

वैश्विक स्तर पर स्थिति और ज्यादा कमजोर रही। विश्व स्वर्ण परिषद (वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल) के आंकड़ों के अनुसार, मार्च में गोल्ड ईटीएफ से 12 अरब डॉलर की निकासी हुई, जो अब तक की सबसे बड़ी मासिक गिरावट है।

इस भारी निकासी ने उस उम्मीद को झटका दिया, जिसमें माना जा रहा था कि यह तिमाही गोल्ड ईटीएफ निवेश के लिहाज से सबसे मजबूत रहेगी।

इसके बावजूद, लंबे समय के नजरिए से देखें तो वैश्विक स्तर पर गोल्ड ईटीएफ में लगातार सातवीं तिमाही में शुद्ध निवेश दर्ज किया गया है, जो इस सेक्टर की मजबूती को दिखाता है।

--आईएएनएस

डीबीपी