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टैरिफ के झटकों के बावजूद ग्लोबल ट्रेड मजबूत बना हुआ है: प्रमुख डब्ल्यूटीओ प्रमुख

वॉशिंगटन, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन की प्रमुख न्गोजी ओकोन्जो-इवेला की ओर से कहा गया कि अमेरिका के कड़े टैरिफ, ईरान युद्ध, ऊर्जा की ऊंची कीमतों और नियमों पर आधारित ट्रेडिंग सिस्टम पर बढ़ते दबाव के बावजूद ग्लोबल ट्रेड उम्मीद से कहीं ज्यादा मजबूत बना हुए हैं। उन्होंने व्यापार में एआई की वजह से आई तेजी की ओर इशारा किया, साथ ही यह चेतावनी भी दी कि यह सिस्टम अभी भी कमजोर बना हुआ है।
 

वॉशिंगटन, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन की प्रमुख न्गोजी ओकोन्जो-इवेला की ओर से कहा गया कि अमेरिका के कड़े टैरिफ, ईरान युद्ध, ऊर्जा की ऊंची कीमतों और नियमों पर आधारित ट्रेडिंग सिस्टम पर बढ़ते दबाव के बावजूद ग्लोबल ट्रेड उम्मीद से कहीं ज्यादा मजबूत बना हुए हैं। उन्होंने व्यापार में एआई की वजह से आई तेजी की ओर इशारा किया, साथ ही यह चेतावनी भी दी कि यह सिस्टम अभी भी कमजोर बना हुआ है।

डब्ल्यूटीओ की डायरेक्टर-जनरल ने कहा कि दुनिया के सामानों का 72 प्रतिशत व्यापार अभी भी डब्ल्यूटीओ की 'मोस्ट-फेवर्ड-नेशन' (सबसे पसंदीदा देश) शर्तों के तहत हो रहा है। इससे पारंपरिक व्यापार नियमों पर भारी दबाव होने के बावजूद व्यवसायों को स्थिरता और भविष्य का अंदाज़ा लगाने की सुविधा मिलती है।

उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक सामान व्यापार ने डब्ल्यूटीओ के अनुमानों से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है, जिसमें पिछले साल की बढ़ोतरी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े उत्पादों का 42 प्रतिशत हिस्सा रहा।

ओकोन्जो-इवेला ने सीएनएन के साथ एक इंटरव्यू में कहा, "मैं पूरी ईमानदारी से कहूंगी कि हम भी इस मजबूती से हैरान हैं और इसके लिए आभारी हैं।"

यह इंटरव्यू ऐसे समय में हुआ जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तहत अमेरिकी व्यापार नीति में बुनियादी बदलाव हुए हैं, वाशिंगटन और बीजिंग के बीच तनाव बढ़ा है, ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा बाज़ारों में व्यवधान आया है, और वैश्विक शिपिंग मार्गों पर दबाव बना हुआ है।

ओकोन्जो-इवेला ने कहा, "हम देखते हैं कि दुनिया का कितना व्यापार असल में डब्ल्यूटीओ के नियमों के अनुसार हो रहा है।" उन्होंने कहा, "मेरा मतलब है, जैसा कि आपने कहा, दुनिया वैसी नहीं रही जैसी पहले थी और वैश्विक व्यापार नियम दबाव में हैं, फिर भी हम पाते हैं कि दुनिया का 72 प्रतिशत व्यापार, यानी वैश्विक वस्तुओं का व्यापार अभी भी डब्ल्यूटीओ की शर्तों, यानी 'मोस्ट-फेवर्ड-नेशन' शर्तों के तहत हो रहा है।"

उन्होंने कहा, "इसे ही हम 'प्रेडिक्टेबल स्टेबल' (भरोसेमंद और स्थिर) कहते हैं।" ओकोन्जो-इवेला ने कहा कि कंपनियां मल्टीलेटरल ट्रेडिंग सिस्टम पर भरोसा करती रहती हैं क्योंकि उन्हें निश्चितता की ज़रूरत होती है।

उन्होंने कहा, "हम बिजनेस से बात करते हैं, और उन्हें अपने व्यापार के तरीके में कुछ स्थिरता और निश्चितता की जरूरत होती है।" उन्होंने कहा कि शायद सबसे हैरान करने वाली बात असल व्यापार में हुई बढ़ोतरी की मजबूती रही है।

--आईएएनएस

एसडी/एएस