असम के मुख्यमंत्री सरमा ने महिला-नेतृत्व वाले स्टार्टअप इकोसिस्टम पर प्रकाश डाला
गुवाहाटी, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार को राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि असम के आधे से अधिक स्टार्टअप महिला संस्थापकों द्वारा संचालित हैं और राज्य ने लिंग भेद के बिना अवसर सृजित किए हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि यह रुझान असम में महिला उद्यमियों के लिए उपलब्ध अवसरों के विस्तार को दर्शाता है।
उन्होंने पोस्ट में लिखा कि असम के आधे से अधिक स्टार्टअप महिला संस्थापकों द्वारा संचालित हैं। यह दर्शाता है कि राज्य लिंग भेद के बिना सभी को समान अवसर प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि असम में लैंगिक भेदभाव कभी था ही नहीं।
सरमा की यह टिप्पणी राज्य सरकार के व्यापक आर्थिक विकास एजेंडा के तहत उद्यमिता, स्टार्टअप और रोजगार सृजन पर निरंतर जोर देने के संदर्भ में आई है।
स्टार्टअप इकोसिस्टम में महिलाओं की भागीदारी तेजी से उन महिलाओं के लिए बदलते अवसरों का एक संकेतक बनकर उभरी है जो व्यवसाय स्थापित करना और स्वतंत्र उद्यम बनाना चाहती हैं।
असम युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करके, नवाचार को बढ़ावा देकर और उभरते व्यवसायों के लिए मंच तैयार करके अपने स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने का प्रयास कर रहा है।
राज्य सरकार उद्यमिता को रोजगार सृजन के एक वैकल्पिक मार्ग के रूप में भी प्रस्तुत कर रही है।
मुख्यमंत्री के बयान में इस बात पर जोर दिया गया कि राज्य एक ऐसा वातावरण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जहां उद्यमी लैंगिक भेदभाव के बिना व्यावसायिक अवसरों का लाभ उठा सकें।
असम में महिला उद्यमी खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प और वस्त्र से लेकर प्रौद्योगिकी, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, खुदरा और अन्य सेवा-उन्मुख व्यवसायों तक विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से सक्रिय हो रही हैं।
उनकी बढ़ती भागीदारी ने राज्य के उभरते उद्यमशीलता इकोसिस्टम के विविधीकरण में योगदान दिया है।
सरमा का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत भर की सरकारें उद्यमिता में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और वित्त, प्रौद्योगिकी, बाजारों और व्यावसायिक सहायता तंत्रों तक उनकी पहुंच को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने असम को एक ऐसे राज्य के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश की, जहां उद्यमशीलता के अवसर लिंग भेद से परे जाकर तेजी से प्राप्त किए जा रहे हैं। इसके साथ ही महिला नेतृत्व वाले उद्यमों को इसकी आर्थिक विकास गाथा के एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में प्रस्तुत किया।
--आईएएनएस
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