गिफ्ट सिटी का फंड इकोसिस्टम 60 गुना बढ़कर 32 अरब डॉलर पर पहुंचा, एफएमई की संख्या 25 गुना बढ़ी
नई दिल्ली, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (गिफ्ट सिटी) ने बुधवार को कहा कि उसका फंड मैनेजमेंट इकोसिस्टम पूंजी प्रतिबद्धताओं के साथ बीते पांच वर्षों में 60 गुना बढ़कर 32 अरब डॉलर का हो गया है, जो कि मार्च 2020 में 0.5 अरब डॉलर पर था।
गिफ्ट सिटी के मुताबिक, इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में फंड मैनेजमेंट इकाइयों (एफएमई) की संख्या करीब 25 गुना बढ़कर 202 पर पहुंच गई है, जो कि मार्च 2020 में 8 पर थी।
इस दौरान गिफ्ट सिटी स्थित फंडों ने 17.34 अरब डॉलर जुटाए हैं, जिनमें से लगभग 17 बिलियन डॉलर पहले ही निवेश किए जा चुके हैं।
यह दिखाता है कि इकोसिस्टम बड़ी प्रतिबद्धताओं को आकर्षित कर रहा है और बड़े पैमाने पर वास्तविक निवेश गतिविधियों को सक्षम बना रहा है।
फंड योजनाओं की संख्या बढ़कर 313 हो गई है, जो उत्पाद पेशकशों और निवेश रणनीतियों में तेज वृद्धि को दर्शाती है। यह पहले 10 से कम थी।
गिफ्ट सिटी के माध्यम से निवेश की गई लगभग 85 प्रतिशत पूंजी भारत में लगाई गई है, जबकि शेष 15 प्रतिशत वैश्विक निवेशों के लिए आवंटित की गई है।
गिफ्ट सिटी ने कहा कि पूंजी प्रतिबद्धताओं ने भारत में वैश्विक पूंजी लाने और निवेशकों को एक ही स्थान से अंतरराष्ट्रीय अवसरों तक पहुंच प्रदान करने के लिए एक प्रवेश द्वार के रूप में भूमिका निभाई है।
इस इकोसिस्टम के विकास को विभिन्न परिसंपत्ति वर्गों, जिनमें प्राइवेट इक्विटी, वेंचर कैपिटल और पब्लिक मार्केट स्ट्रैटेजी शामिल हैं, में घरेलू और वैश्विक फंड प्रबंधकों की बढ़ती भागीदारी से समर्थन मिला है।
आदित्य बिरला सन लाइफ एएमसी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और सीईओ ए. बालासुब्रमणियन ने कहा, “गिफ्ट आईएफएससी ने हमारी कंपनी के लिए विशिष्ट निवेश समाधान शुरू करने, वैश्विक और अनिवासी भारतीय निवेशकों को अधिक प्रभावी ढंग से सेवा देने और घरेलू निवेशकों को विदेशी अवसरों तक पहुंच प्रदान करने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान किया है। हम अपने विदेशी निवेश परिसंपत्तियों के प्रबंधन में विस्तार करने और अपनी वैश्विक निवेश क्षमताओं को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
कार्नेलियन एसेट मैनेजमेंट एंड एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक और सीआईओ विकास खेमानी ने कहा, “गिफ्ट सिटी से संचालित हमारा विदेशी इनबाउंड फंड सुचारू रूप से चल रहा है। तेजी से विकसित हो रहे बुनियादी ढांचे और प्रगतिशील नियामक वातावरण के साथ, यह संस्थान एक प्रमुख वैश्विक वित्तीय केंद्र के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत करना जारी रखे हुए है।”
--आईएएनएस
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