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गौरव गोगोई ने जवाबदेही और लोकतंत्र के लिए आंदोलन करने का आह्वान किया

गुवाहाटी, 2 नवंबर (आईएएनएस)। असम से कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सोमवार को लोगों से आह्वान किया कि वे निर्वाचित प्रतिनिधियों से जवाबदेही की मांग करने, जनता की चिंताओं का समाधान करने और लोकतांत्रिक स्वतंत्रता की रक्षा करने के लिए आवाज उठाएं और विरोध प्रदर्शन आयोजित करें। उन्होंने रविवार के 'चलो दिल्ली' अभियान का उदाहरण दिया।
 

गुवाहाटी, 2 नवंबर (आईएएनएस)। असम से कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सोमवार को लोगों से आह्वान किया कि वे निर्वाचित प्रतिनिधियों से जवाबदेही की मांग करने, जनता की चिंताओं का समाधान करने और लोकतांत्रिक स्वतंत्रता की रक्षा करने के लिए आवाज उठाएं और विरोध प्रदर्शन आयोजित करें। उन्होंने रविवार के 'चलो दिल्ली' अभियान का उदाहरण दिया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में, गोगोई ने कहा कि उन नागरिकों के लिए आंदोलन आवश्यक है जो राजनेताओं से जवाबदेही और उन्हें प्रभावित करने वाले मुद्दों पर कार्रवाई चाहते हैं।

गोगोई ने लिखा कि अगर आप अपने राजनेताओं से जवाबदेही चाहते हैं, तो आंदोलन करें। अगर आप चाहते हैं कि आपकी चिंताओं का समाधान हो, तो आंदोलन करें।

उन्होंने आगे जोर दिया कि अगर लोग अपने निर्वाचित प्रतिनिधियों से सवाल करने और देश के भविष्य के बारे में चिंता व्यक्त करने की स्वतंत्रता चाहते हैं, तो उन्हें अपनी आवाज उठाते रहना चाहिए।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि अगर आप अपने प्रतिनिधियों से सवाल पूछने की स्वतंत्रता चाहते हैं, तो आंदोलन करें। अगर आप अपने देश के भविष्य को लेकर चिंतित हैं, तो आंदोलन करें।

गोगोई ने इस संदेश को 'चलो दिल्ली' अभियान से मिलने वाले प्रमुख सबकों में से एक बताया।

उनकी ये टिप्पणी राष्ट्रीय राजधानी में 'चलो दिल्ली' के नारे के तहत हुए जन आंदोलन की पृष्ठभूमि में आई है, जिसमें रविवार को रामलीला मैदान में कांग्रेस के नेतृत्व में सत्ताधारी दल और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ देश के विभिन्न हिस्सों से लोगों ने भाग लिया।

विपक्ष लगातार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है।

एक अन्य पोस्ट में, गोगोई ने दिल्ली के रामलीला मैदान में हुए जन आंदोलन को एक ऐतिहासिक क्षण बताया और मैदान के अंदर मौजूद भीड़ और राष्ट्रीय राजधानी की सड़कों पर लोगों की व्यापक भागीदारी के बीच अंतर स्पष्ट किया।

उन्होंने लिखा कि अगर रामलीला मैदान के अंदर लोगों का समुद्र था, तो मैदान के बाहर तो जैसे सागर ही था। भारत के हर कोने से लोग दिल्ली की सड़कों पर उतरे।

कांग्रेस नेता की ये टिप्पणियां लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति के साधन के रूप में जन आंदोलन और जमीनी स्तर के विरोध प्रदर्शनों पर पार्टी के जोर को रेखांकित करती हैं।

उनकी अपील निर्वाचित प्रतिनिधियों को जवाबदेह ठहराने में जनभागीदारी की भूमिका पर भी प्रकाश डालती है।

'चलो दिल्ली' अभियान एक राजनीतिक लामबंदी मंच के रूप में उभरा है, जिसमें कांग्रेस नेता ने विभिन्न क्षेत्रों के लोगों की भागीदारी पर जोर दिया है और इस सभा को जनभागीदारी का एक महत्वपूर्ण प्रदर्शन बताया है।

--आईएएनएस

एमएस/