एवियन में पीएम मोदी और मैक्रों की मुलाकात, जी-7 सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री ने जताया आभार
एवियन, 16 जून (आईएएनएस)। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मंगलवार को एवियन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी यहां जी-7 समिट में शामिल होने पहुंचे हैं। एवियन पहुंचने पर मोदी और मैक्रों ने एक-दूसरे को गले लगाया और शुभकामनाएं दीं। दोनों नेता उस आउटरीच सत्र से पहले मिले, जिसमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अन्य जी-7 देशों के नेता भी शामिल हो रहे हैं।
एवियन पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह दुनिया के नेताओं से मिलने और अहम वैश्विक मुद्दों पर विचार साझा करने को लेकर उत्साहित हैं। पीएम ने एवियन में स्वागत के लिए राष्ट्रपति मैक्रों का आभार भी जताया।
पीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, ''मेरे दोस्त राष्ट्रपति मैक्रों, एवियन में स्वागत के लिए आपका धन्यवाद।''
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, “जी-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए फ्रांस के एवियन पहुंच गया हूं। दुनिया के नेताओं के साथ बातचीत करने और महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने का इंतजार है। भारत एक ज्यादा टिकाऊ और समृद्ध दुनिया के लिए मिलकर काम करने की कोशिशों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।”
प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के निमंत्रण पर एवियन पहुंचे हैं। इस साल जी-7 शिखर सम्मेलन में भारत की 13वीं भागीदारी है और प्रधानमंत्री मोदी लगातार सातवीं बार इस सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी जिनेवा पहुंचे, जहां स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाय पार्मेलीन ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि पीएम मोदी और पार्मेलीन ने गर्मजोशी से मुलाकात की और भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
जायसवाल ने 'एक्स' पर लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए एवियन जाते हुए जिनेवा पहुंचे। उनका स्वागत स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाय पार्मेलीन ने किया। दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से मुलाकात की और भारत-स्विट्जरलैंड साझेदारी को और मजबूत करने की बात दोहराई।”
शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी जी-7 देशों के नेताओं, आमंत्रित देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ कई मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इसमें नए सहयोग बढ़ाने, अंतरराष्ट्रीय एकजुटता मजबूत करने, सभी के लिए संतुलित और टिकाऊ आर्थिक विकास, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को सुरक्षित और तेज तरीके से लागू करने जैसे विषय शामिल हैं।
प्रधानमंत्री मोदी सम्मेलन के दौरान कई देशों के नेताओं के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।
विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने कहा कि जी-7 बैठकों में भारत की लगातार भागीदारी यह दिखाती है कि दुनिया भारत की भूमिका और योगदान को तेजी से पहचान रही है। भारत शांति, सुरक्षा, विकास और पर्यावरण जैसे वैश्विक मुद्दों पर लगातार अपनी बात रखता रहा है।
उन्होंने कहा कि जी-7 में भारत ने जी-20 और 'वॉइस ऑफ ग्लोबल साउथ समिट' जैसे मंचों की तरह ही विकासशील देशों की चिंताओं और जरूरतों को सामने रखा है।
उन्होंने बताया कि इस साल फ्रांस की अध्यक्षता में होने वाले जी-7 सम्मेलन में कुछ खास मुद्दों को प्राथमिकता दी गई है। इनमें आर्थिक असंतुलन को कम करना, सबके लिए विकास को बढ़ावा देना, जरूरी खनिज और आपूर्ति शृंखला को मजबूत बनाना, बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा, बड़े भू-राजनीतिक संकटों का समाधान और संगठित अपराध व गैरकानूनी गतिविधियों से निपटना शामिल हैं।
एवियन में कार्यक्रम खत्म करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी गुरुवार को पेरिस जाएंगे। वहां वह द्विपक्षीय बैठकों में हिस्सा लेंगे और यूरोप के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप कार्यक्रम 'विवटेक' में शामिल होंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी पेरिस में भारतीय समुदाय के लोगों को भी संबोधित कर सकते हैं।
--आईएएनएस
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