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यूक्रेन पर एकजुट जी-7 के नेता, अमेरिका-ईरान समझौते का किया स्वागत

एवियन, 17 जून (आईएएनएस)। जी-7 देशों ने प्रमुख भू-राजनीतिक मुद्दों पर एक संयुक्त बयान जारी किया है। इसमें उन्होंने यूक्रेन के लिए अपना समर्थन दोहराया है और अमेरिका व ईरान के बीच हुए अहम समझौते का स्वागत किया है। इसके साथ ही, उन्होंने हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की।
 
यूक्रेन पर एकजुट जी-7 के नेता, अमेरिका-ईरान समझौते का किया स्वागत

एवियन, 17 जून (आईएएनएस)। जी-7 देशों ने प्रमुख भू-राजनीतिक मुद्दों पर एक संयुक्त बयान जारी किया है। इसमें उन्होंने यूक्रेन के लिए अपना समर्थन दोहराया है और अमेरिका व ईरान के बीच हुए अहम समझौते का स्वागत किया है। इसके साथ ही, उन्होंने हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की।

यूक्रेन के मामले में जी-7 देश के नेताओं ने कहा कि रूस के साथ चल रहे संघर्ष के बीच वे कीव के समर्थन में एकजुट हैं। बयान में कहा गया, "हम, जी-7 के नेता, यूक्रेन की आजादी, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए उसके साथ अटूट समर्थन के साथ खड़े हैं।"

नेताओं ने सैन्य सहायता बढ़ाने का वादा किया, जिसमें अतिरिक्त वायु रक्षा प्रणालियों, इंटरसेप्टर मिसाइलों और लंबी दूरी की क्षमताएं शामिल हैं। उन्होंने लाइसेंसिंग व्यवस्था के जरिए यूक्रेन में सैन्य उत्पादन बढ़ाने में मदद करने की भी इच्छा जताई।

संघर्ष में आए नए मोड़ का उल्लेख करते हुए जी-7 ने खासकर तेल और गैस सेक्टर को निशाना बनाते हुए रूस पर और कड़े प्रतिबंध लगाकर दबाव बढ़ाने का संकल्प लिया। बयान में कहा गया कि नेताओं ने इसे अतिरिक्त उपाय करने का सही समय माना, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन वाले एक समझौते के बाद होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोल दिया गया।

मध्य पूर्व के मामले में जी-7 के नेताओं ने अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में घोषित समझौते का स्वागत किया। नेताओं ने इस समझौते को ईरान को कोई भी परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने और उसकी क्षेत्रीय और बैलिस्टिक गतिविधियों से जुड़े खतरों से निपटने का एक ऐतिहासिक मौका बताया।

बयान में संगठन के इस रुख को दोहराया गया कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करेगा और क्षेत्र में लंबे समय तक शांति व स्थिरता सुनिश्चित करने के मकसद से एक व्यापक कूटनीतिक ढांचे का समर्थन किया गया।

जी-7 नेताओं ने होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री सुरक्षा में भरोसा बहाल करने और कमर्शियल शिपिंग को फिर से शुरू करने में मदद करने के लिए फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम के प्रयासों का भी समर्थन किया। नेताओं ने दोहराया कि बिना रोक-टोक आवाजाही अंतरराष्ट्रीय व्यापार की नींव है।

क्षेत्रीय संघर्षों पर बात करते हुए संगठन ने लेबनान में तुरंत युद्धविराम की मांग की और हिज्बुल्लाह को निरस्त्र करने के प्रयासों का समर्थन किया। गाजा में नेताओं ने मानवीय सहायता और पुनर्निर्माण के प्रयासों में तेजी लाने का वादा किया और साथ ही वेस्ट बैंक में हिंसा खत्म करने की अपील की।

हिंद-प्रशांत क्षेत्र को लेकर जी-7 के नेताओं ने नियमों पर आधारित व्यवस्था बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया और ताकत या दबाव के जरिए यथास्थिति को बदलने की एकतरफा कोशिशों का विरोध किया। बयान में कहा गया, "हम पूर्वी और दक्षिण चीन सागर और ताइवान जलडमरूमध्य में खासकर बल या दबाव के जरिए यथास्थिति को बदलने की किसी भी एकतरफा कोशिश का विरोध करते हैं। इन मुद्दों को सिर्फ बातचीत के जरिए शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाया जाना चाहिए।"

नेताओं ने उत्तर कोरिया के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों पर भी गहरी चिंता जताई। इसके साथ ही, उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अनुसार कोरियाई प्रायद्वीप को पूरी तरह से परमाणु-मुक्त बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने उत्तर कोरिया की ओर से क्रिप्टोकरेंसी की चोरी और साइबर अपराध के खिलाफ मिलकर कार्रवाई करने का भी आह्वान किया।

बयान के आखिर में वैश्विक आर्थिक असंतुलन को दूर करने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का समर्थन किया गया और इस महीने की शुरुआत में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की ओर से आयोजित 'ग्लोबल कन्वर्जेंस फॉर ग्रोथ समिट' में चीन की भागीदारी का स्वागत किया गया।

--आईएएनएस

डीसीएच/