एफएसएसएआई ने आगामी त्योहारी सीजन के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए राज्यों को दिए गहन निरीक्षण के निर्देश
नई दिल्ली, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने आगामी नवरात्रि और दिवाली त्योहारों के मद्देनजर देशभर के राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निगरानी, निरीक्षण और सैंपलिंग अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य मिलावटी, नकली और असुरक्षित खाद्य उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाना है।
एफएसएसएआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि त्योहारों के दौरान मिठाइयों, नमकीन, पेय पदार्थों, खाद्य तेल, दूध और दुग्ध उत्पादों की मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होती है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निगरानी और प्रवर्तन गतिविधियों को मजबूत करना आवश्यक है।
नियामक ने सभी राज्यों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों को निर्देश दिया है कि इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। साथ ही नामित अधिकारियों, फूड सेफ्टी अधिकारियों और केंद्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों और चिन्हित हॉटस्पॉट्स पर विशेष जांच अभियान चलाने के लिए कहा गया है।
एफएसएसएआई ने विशेष रूप से दूध और दुग्ध उत्पाद, मिठाइयां, नमकीन, घी, खाद्य तेल और पेय पदार्थों की जांच पर जोर दिया है। इसके अलावा राज्यों को स्थानीय उपभोग पैटर्न के आधार पर अन्य लोकप्रिय खाद्य वस्तुओं की पहचान कर उनकी भी निगरानी बढ़ाने की सलाह दी गई है।
नियामक ने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों में त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की मांग अलग हो सकती है। उदाहरण के तौर पर उत्तर और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में नवरात्रि के दौरान कुट्टू का आटा और सिंघाड़े का आटा अधिक मात्रा में उपयोग किया जाता है। ऐसे उत्पादों को भी विशेष निगरानी सूची में शामिल किया जा सकता है।
एफएसएसएआई ने राज्यों को उपलब्धता के अनुसार फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स (एफएसडब्ल्यू) यूनिट्स तैनात करने के निर्देश भी दिए हैं। इन मोबाइल प्रयोगशालाओं को प्रमुख बाजारों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर लगाया जाएगा।
ये मोबाइल यूनिट्स मौके पर ही खाद्य पदार्थों की जांच करेंगी, मिलावट की पहचान में सहायता करेंगी, उपभोक्ताओं में जागरूकता बढ़ाएंगी और बाजार में बिकने वाले खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता पर लोगों का भरोसा मजबूत करेंगी।
इसके अलावा, एफएसएसएआई ने अधिकारियों से कहा है कि निरीक्षण, सैंपलिंग और प्रवर्तन कार्रवाई से जुड़े सभी आंकड़े एफओएससीओएस और एफओएससीओआरआईएस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रीयल-टाइम आधार पर अपडेट किए जाएं, जिससे निगरानी और कार्रवाई की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बन सकेगी।
--आईएएनएस
डीबीपी
