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केरल विधानसभा का सत्र शुरू, विधायकों के शपथ ग्रहण में दिखे सत्ता परिवर्तन के कई रंग

तिरुवनंतपुरम, 21 मई (आईएएनएस)। 16वीं केरल विधानसभा के नवनिर्वाचित सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह गुरुवार सुबह शुरू हुआ, जो राज्य के हालिया इतिहास के सबसे बड़े राजनीतिक उथल-पुथल में से एक के बाद पूरी तरह से बदल चुके इस सदन की औपचारिक शुरुआत का प्रतीक है।
 
केरल विधानसभा का सत्र शुरू, विधायकों के शपथ ग्रहण में दिखे सत्ता परिवर्तन के कई रंग

तिरुवनंतपुरम, 21 मई (आईएएनएस)। 16वीं केरल विधानसभा के नवनिर्वाचित सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह गुरुवार सुबह शुरू हुआ, जो राज्य के हालिया इतिहास के सबसे बड़े राजनीतिक उथल-पुथल में से एक के बाद पूरी तरह से बदल चुके इस सदन की औपचारिक शुरुआत का प्रतीक है।

कार्यवाही सुबह 9 बजे शुरू हुई, जब प्रोटेम स्पीकर जी. सुधाकरन, जिन्हें बुधवार को केरल के राज्यपाल राजेंद्र वी. अर्लेकर ने शपथ दिलाई थी, विधानसभा में अपनी सीट पर बैठे।

विधायकों को शपथ लेने के लिए वर्णमाला के क्रम में बुलाया गया। शपथ लेने वाले पहले सदस्य भारतीय संघ मुस्लिम लीग के मत्स्य मंत्री वी.ई. अब्दुल गफूर थे।

लेकिन इस नियमित संवैधानिक समारोह से परे, गुरुवार की बैठक में केरल के मतदाताओं द्वारा अप्रैल 2026 के विधानसभा चुनाव में रची गई चौंकाने वाली राजनीतिक उलटफेर की झलक दिखाई दी।

सत्ता पक्ष की बेंचें, जिन पर कभी सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चा का दबदबा था, अब आत्मविश्वास और जश्न से लबालब थीं, क्योंकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ के रिकॉर्ड 102 विधायकों ने 140 सदस्यों वाले सदन के सत्ता पक्ष पर कब्जा कर लिया था।

हंसी-मजाक, शुभकामनाएं और सौहार्द इस नए सशक्त गठबंधन के बीच के माहौल की पहचान थे। इसके बिल्कुल विपरीत, विपक्ष की बेंच उदास और शांत नजर आ रही थीं।

घटकर सिर्फ 38 सदस्य रह गए विपक्ष में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा के 35 विधायक और भाजपा के तीन विधायक शामिल हैं।

पिछली विधानसभा में 99 सदस्यों से घटकर, इस चुनाव में गठबंधन के 64 मौजूदा विधायकों को हार मिली। इस जनादेश को व्यापक रूप से पूर्व मुख्यमंत्री विजयन की सत्ता में एक दशक बिताने के बाद विदाई के रूप में देखा जा रहा है।

जहां मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन का नाम 105वें स्थान पर है, वहीं उनके पूर्ववर्ती विजयन का नाम 133वें स्थान पर है।

सुबह के सत्र में कुछ हल्के-फुल्के और प्रतीकात्मक पल भी आए। भाजपा नेता राजीव चंद्रशेखर, वी. मुरलीधरन और बी.बी. गोपाकुमार 'शहीद कॉर्नर' से विधानसभा तक एक साथ पैदल चलकर आए, जिससे वहां मौजूद दर्शकों और पार्टी कार्यकर्ताओं, दोनों का ध्यान उनकी ओर आकर्षित हुआ।

इस बीच, कांग्रेस विधायक चांडी ओमन, जिन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान अक्सर साइकिल का इस्तेमाल किया था, अपनी शैली पर कायम रहे और शपथ ग्रहण के दिन भी साइकिल चलाकर ही विधानसभा पहुंचे।

--आईएएनएस

एससीएच/एबीएम