अमेरिकी राजनीति में भारतीय मूल के उम्मीदवारों की बड़ी दस्तक, 57 चेहरे मंगलवार को आजमाएंगे किस्मत
वाशिंगटन, 2 नवंबर (आईएएनएस)। अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में इस बार भारतीय मूल के उम्मीदवारों की उल्लेखनीय मौजूदगी देखने को मिल रही है। ओहायो में गवर्नर पद से लेकर लॉस एंजिलिस के मेयर और मैसाचुसेट्स की सीनेट सीट तक, भारतीय मूल के 57 उम्मीदवार मंगलवार को मतदाताओं के बीच अपनी किस्मत आजमाएंगे।
यह संख्या अमेरिकी राजनीति में भारतीय-अमेरिकी समुदाय की बढ़ती भागीदारी और राजनीतिक महत्वाकांक्षा को भी रेखांकित करती है।
आईएएनएस ने देशभर से जुटाई एक लिस्ट के आधार पर रिपोर्ट तैयार की है। इन 57 उम्मीदवारों में एक सीनेट, 11 प्रतिनिधि सभा, तीन राज्यव्यापी पदों, 36 राज्य विधानमंडलों और छह स्थानीय पदों के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। सूची में केवल उन्हीं उम्मीदवारों को शामिल किया गया है, जिनकी भारतीय मूल की पहचान की पुष्टि हो सकी है।
इसके अलावा 15 ऐसे संभावित उम्मीदवार हैं, जिन्हें भारतीय मूल का माना जा रहा है, लेकिन पर्याप्त पुष्टि नहीं होने के कारण सूची में जगह नहीं मिली है।
इन चुनावों में सबसे अधिक निगाहें ओहायो पर रहेंगी, जहां रिपब्लिकन पार्टी के विवेक रामास्वामी गवर्नर पद के लिए डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन को चुनौती दे रहे हैं।
रविवार को उपलब्ध फिफ्टीप्लसवन के पोलिंग औसत में एक्टन को करीब तीन अंकों की बढ़त दिखाई गई। रामास्वामी की उम्मीदवारी इसलिए भी अहम है क्योंकि वह राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं और उनकी जीत अमेरिकी राजनीति में भारतीय मूल के नेताओं की स्थिति को एक नई ऊंचाई दे सकती है।
लॉस एंजिलिस में सिटी काउंसिल सदस्य नित्या रमन मौजूदा मेयर करेन बास को चुनौती दे रही हैं। यूसी बर्कले इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्नमेंटल स्टडीज और लॉस एंजिलिस टाइम्स के संयुक्त सर्वेक्षण में दोनों उम्मीदवारों को 40-40 प्रतिशत समर्थन मिला, जबकि 19 प्रतिशत मतदाता अब भी अनिर्णीत थे। यह मुकाबला भी भारतीय मूल के उम्मीदवारों की बढ़ती राजनीतिक पहुंच का एक अहम उदाहरण है।
न्यूयॉर्क में रिपब्लिकन उम्मीदवार सरिता कोमाटिरेड्डी अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स के खिलाफ मैदान में हैं। 28 अक्टूबर को जारी सिएना सर्वेक्षण में जेम्स को 54 प्रतिशत और कोमाटिरेड्डी को 39 प्रतिशत समर्थन मिला था।
मैरीलैंड की लेफ्टिनेंट गवर्नर अरुणा मिलर भी दोबारा चुनाव जीतने की कोशिश में हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से वह गवर्नर पद के उम्मीदवार के साथ चुनावी मैदान में हैं, जबकि रिपब्लिकन टिकट में डैन कॉक्स शामिल हैं।
सीनेट की एकमात्र भारतीय मूल के उम्मीदवार वाली दौड़ मैसाचुसेट्स में है। यहां शिवा अय्यादुरई निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में डेमोक्रेटिक सीनेटर एड मार्की को चुनौती दे रहे हैं।
प्रतिनिधि सभा के चुनाव में भी भारतीय मूल के नेताओं की अच्छी मौजूदगी है। 11 उम्मीदवारों में चार मौजूदा डेमोक्रेटिक सांसद हैं। इनमें कैलिफोर्निया से रो खन्ना और अमी बेरा, वाशिंगटन राज्य से प्रमिला जयपाल और वर्जीनिया से सुहास सुब्रमण्यम शामिल हैं।
इस बार दो मुकाबले ऐसे भी हैं, जिनमें भारतीय मूल के उम्मीदवार आमने-सामने हैं। कैलिफोर्निया के 17वें कांग्रेसनल जिले में रो खन्ना का मुकाबला रिपब्लिकन उम्मीदवार और सिलिकॉन वैली के उद्यमी रितेश टंडन से है। वहीं, वाशिंगटन राज्य के सातवें जिले में प्रमिला जयपाल के सामने रिपब्लिकन उम्मीदवार निरव शेठ हैं, जो गुजरात में जन्मे और पूर्व अमेरिकी मरीन रह चुके हैं। कुक पॉलिटिकल रिपोर्ट और अन्य चुनावी आकलनों में इन दोनों सीटों को डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए सुरक्षित माना गया है।
हालांकि, एरिजोना के पहले और फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल जिले में मुकाबला अधिक दिलचस्प हो सकता है। एरिजोना में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अमीश शाह और फ्लोरिडा में पिया दांडिया खाली सीटों के लिए चुनाव लड़ रही हैं। चुनावी आकलनों में दोनों सीटों को प्रतिस्पर्धी माना गया है।
चुनाव के अंतिम दिनों में उम्मीदवारों के समर्थन में धन जुटाने और प्रचार पर खर्च का सिलसिला भी जारी है। फेडरल इलेक्शन कमीशन (एफईसी) में दाखिल दस्तावेजों के अनुसार, फ्लोरिडियंस फॉर अफोर्डेबिलिटी नाम के एक नए सुपर पीएसी ने 30 अक्टूबर को दांडिया के समर्थन में टेक्स्ट संदेशों पर करीब 14 हजार डॉलर खर्च किए। इसके साथ ही उनके समर्थन में इस संगठन का कुल खर्च करीब 2.20 लाख डॉलर हो गया।
वहीं, अमीश शाह के चुनाव अभियान ने 30 अक्टूबर को मिले 26 हजार डॉलर के 15 चंदे की जानकारी दी। 25 से 30 अक्टूबर के बीच मिले चंदे से संबंधित छह एफईसी फाइलिंग के आईएएनएस के आकलन के मुताबिक, इस अवधि में उनके अभियान को करीब एक लाख डॉलर का योगदान मिला। हालांकि, ये आंकड़े उम्मीदवारों और संबंधित संगठनों की ओर से दी गई जानकारी पर आधारित हैं और इनमें संशोधन संभव है।
राज्य विधानमंडलों के चुनाव में 22 राज्यों में भारतीय मूल के 36 उम्मीदवार मैदान में हैं। कैलिफोर्निया, इलिनॉय और न्यूयॉर्क में चार-चार उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर भी भारतीय मूल के उम्मीदवारों की मौजूदगी दिखाई दे रही है। इनमें यूटा के साल्ट लेक काउंटी के डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी सिम गिल, कैलिफोर्निया के ओकलैंड की काउंसिल सदस्य जननी रामचंद्रन और जॉर्जिया में फुल्टन काउंटी कमीशन के उम्मीदवार रोहित मल्होत्रा शामिल हैं।
मंगलवार, 3 नवंबर को अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के लिए मतदान होगा।
--आईएएनएस
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