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गुजरात कारखाने में पाइप फिटिंग के काम के दौरान हुए विस्फोट में चार श्रमिकों की मौत

गांधीनगर, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। गुजरात के गांधीनगर जिले के छत्राल जीआईडीसी फेज-4 में एक रासायनिक कारखाने में बॉयलर के पास पाइप फिटिंग के काम के दौरान हुए विस्फोट में चार श्रमिकों की मौत हो गई।
 

गांधीनगर, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। गुजरात के गांधीनगर जिले के छत्राल जीआईडीसी फेज-4 में एक रासायनिक कारखाने में बॉयलर के पास पाइप फिटिंग के काम के दौरान हुए विस्फोट में चार श्रमिकों की मौत हो गई।

स्थानीय पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि यह विस्फोट गुजरात औद्योगिक विकास निगम (जीआईडीसी) के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित रंगों के निर्माता और निर्यातक कोविका डाइज एंड इंटरमीडिएट्स में हुआ।

प्रारंभिक जांच के अनुसार, बॉयलर के पास पाइप फिटिंग का काम करते समय दबाव के कारण एक पाइप फट गया होगा, जिससे विस्फोट हुआ। घटना के सटीक कारण का अभी पता नहीं चल पाया है।

मृतकों की पहचान झारखंड निवासी विनोदकुमार नंदलाल सिंह (42), टेड़ा देहारी (18) और सिकंदर लखन देहारी (40) के रूप में हुई है। वहीं, लक्ष्मण मीना राजस्थान के उदयपुर के निवासी थे।

फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की एक टीम विस्फोट के आसपास की परिस्थितियों की जांच करने और सबूत इकट्ठा करने के लिए घटनास्थल पर पहुंची।

पुलिस ने कहा कि जांच का उद्देश्य विस्फोट के कारण का पता लगाना और यह निर्धारित करना है कि क्या इसमें सुरक्षा संबंधी कोई चूक शामिल थी।

जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) रवि तेजा वासमसेट्टी ने बताया कि फोरेंसिक विशेषज्ञ नमूने एकत्र करेंगे और यह पता लगाने के लिए परीक्षण करेंगे कि क्या घटना में ज्वलनशील पदार्थों की भूमिका थी या क्या लापरवाही के कारण मौतें हुईं।

अधिकारियों ने बताया कि गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (जीपीसीबी) की एक टीम भी घटना की जांच के लिए कारखाने का दौरा करेगी।

फोरेंसिक जांच से जांचकर्ताओं को विस्फोट की ओर ले जाने वाली घटनाओं के क्रम को स्थापित करने और इसके लिए जिम्मेदार संभावित कारकों का आकलन करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

हालांकि, पाइप के दबाव में फटने की प्रारंभिक आशंका की अभी तक जांच में पुष्टि नहीं हुई है।

इस बीच, चारों मृत श्रमिकों का पोस्टमार्टम चल रहा है और पुलिस आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज करने की प्रक्रिया में है।

जांच जारी है और उम्मीद है कि फोरेंसिक विशेषज्ञ और अन्य अधिकारी घटनास्थल और संबंधित सबूतों की जांच करेंगे ताकि यह पता लगाया जा सके कि श्रमिकों की मौत किन परिस्थितियों में हुई।

--आईएएनएस

एमएस/