मध्य प्रदेश के चार और ऐतिहासिक स्थल यूनेस्को की संभावित विश्व धरोहर सूची में शामिल हुए
भोपाल, 29 सितंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के चार और ऐतिहासिक स्थलों को यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों की संभावित सूची में शामिल किया गया है। इससे राज्य में ऐसे स्थलों की कुल संख्या 19 हो गई है।
नए शामिल किए गए स्थलों में धार की बाघ गुफाएं, रतपानी क्षेत्र का गिन्नौरगढ़ किला, मुरैना का बटेश्वर-पदावली-का कर्मठ मंदिर परिसर और विदिशा की उदयगिरि गुफाएं शामिल हैं। संभावित सूची में शामिल होना विश्व धरोहर सूची में संभावित प्रविष्टि की दिशा में पहला औपचारिक कदम है। अंतिम निर्णय लेने से पहले सूची में शामिल स्थलों का विस्तृत मूल्यांकन और अन्य प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस उपलब्धि पर मध्य प्रदेश के लोगों को बधाई दी। उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर कहा कि इस जुड़ाव से राज्य की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत को वैश्विक स्तर पर और अधिक मान्यता दिलाने का अवसर मिलता है और इन धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। मध्य प्रदेश के पंद्रह ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थल पहले से ही यूनेस्को की संभावित सूची में शामिल थे। इनमें ग्वालियर किला, भोजेश्वर महादेव मंदिर, चंबल घाटी के रॉक कला स्थल, खुनी भंडारा, रामनगर के गोंड स्मारक, धमनार समूह, भेड़ाघाट-लामेटाघाट, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व, ओरछा का ऐतिहासिक समूह और मांडू के स्मारक शामिल हैं।
बाघ गुफाएं चौथी और छठी शताब्दी के बीच निर्मित नौ बौद्ध गुफाओं का एक समूह है। गुफा संख्या 4 में मौजूद भित्तिचित्र विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं, जो उस काल के सामाजिक जीवन और संस्कृति की बहुमूल्य जानकारी प्रदान करते हैं।
रतपानी क्षेत्र में स्थित गिन्नौरगढ़ किला गोंड वास्तुकला और पारंपरिक जल प्रबंधन प्रणालियों का उत्कृष्ट उदाहरण है। पहाड़ी भूभाग द्वारा प्रदान की गई प्राकृतिक सुरक्षा, किलेबंदी और बावड़ियों के साथ मिलकर इसकी प्रमुख विशेषताओं में से हैं।
बटेश्वर और पदावली मंदिर परिसर आठवीं और ग्यारहवीं शताब्दी के बीच निर्मित मंदिरों की विविध स्थापत्य शैलियों को प्रदर्शित करता है।
बटेश्वर मंदिर समूह, पदावली में की गई जटिल नक्काशी और विशिष्ट संरचना मिलकर इस स्थल को ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण बनाती हैं।
विदिशा स्थित उदयगिरि गुफाएं गुप्त काल में धार्मिक और राजनीतिक अभिव्यक्ति का एक महत्वपूर्ण केंद्र थीं। इस स्थल में चट्टानों को काटकर बनाई गई 20 गुफाएं हैं, जिनमें प्रसिद्ध वराह प्रतिमा प्रमुख आकर्षण है।
हाल ही में हुए निर्माणों से वैश्विक मंच पर भारत की सांस्कृतिक और स्थापत्य विरासत के एक प्रमुख भंडार के रूप में मध्य प्रदेश की स्थिति और मजबूत होती है।
--आईएएनएस
एमएस/
