आय से अधिक संपत्ति मामले में टीएमसी पार्षद अब ईडी के भी दायरे में
कोलकाता, 2 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर 24 परगना जिले के बिधाननगर नगर निगम के तृणमूल कांग्रेस के पूर्व पार्षद देबराज चक्रवर्ती को आय से अधिक संपत्ति के मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस ने गिरफ्तार किया था। अब इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी कर रहा है।
उन्हें बुधवार शाम गिरफ्तार किया गया था। मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के मुताबिक, ईडी ने राज्य पुलिस से देबराज चक्रवर्ती के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में लगे मुख्य आरोपों और उससे जुड़े दस्तावेज़ मांगे हैं।
ईडी के एक अधिकारी ने बताया कि देबराज चक्रवर्ती के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज करने के लिए पहले 'एनफोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट' (ईसीआईआर) दर्ज की जाएगी। इसके बाद ईडी इस मामले में अलग से जांच शुरू करेगी।
सूत्रों के मुताबिक, ईडी के कोलकाता क्षेत्रीय कार्यालय ने इस मामले से जुड़ी शुरुआती जानकारी नई दिल्ली स्थित मुख्यालय को भेज दी है। अब ईसीआईआर दर्ज करने और मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की जांच शुरू करने के लिए मुख्यालय से मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, ईडी के कोलकाता क्षेत्रीय कार्यालय ने इस मामले से जुड़ी शुरुआती जानकारी नई दिल्ली स्थित मुख्यालय को भेज दी है। अब एजेंसी मुख्यालय से मंजूरी मिलने का इंतजार कर रही है। मंजूरी मिलते ही ईसीआईआर दर्ज की जाएगी और मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की जांच शुरू कर दी जाएगी।
पिछले हफ्ते, कलकत्ता हाईकोर्ट की जस्टिस जय सेनगुप्ता की सिंगल-जज बेंच ने चक्रवर्ती की अग्रिम ज़मानत याचिका खारिज कर दी। चक्रवर्ती, मशहूर भक्ति गायिका और तृणमूल कांग्रेस की पूर्व विधायक अदिति मुंशी के पति हैं।
हालांकि, उसी दिन उसी सिंगल-जज बेंच ने आय से अधिक संपत्ति के उसी मामले में सह-आरोपी मुंशी को अंतरिम अग्रिम ज़मानत दे दी।
गायक से राजनेता बने व्यक्ति को इस आधार पर अग्रिम ज़मानत दी गई कि दंपति की चार महीने की बेटी है। राज्य पुलिस ने बुधवार शाम पुरुलिया में चक्रवर्ती को गिरफ़्तार किया।
पुलिस ने बिना घोषित संपत्ति के आरोपों में देबराज और अदिति के ख़िलाफ़ जांच शुरू कर दी थी।
आरोप है कि उत्तर 24 परगना ज़िले के राजारहाट-गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र से तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस विधायक अदिति और उनके पति ने 2026 के चुनावों से पहले कम से कम 100 करोड़ रुपये की संपत्ति को गुमनाम रूप से और रिश्तेदारों व परिचितों के नाम पर ट्रांसफर किया।
बिधाननगर नगर पालिका के पार्षद देबराज इलाके में एक प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में जाने जाते थे। इस जोड़े पर गंभीर आरोप हैं, जिनमें आय से अधिक संपत्ति, संपत्ति छिपाना और मनी लॉन्ड्रिंग शामिल हैं।
अदिति मुंशी पर भी आरोप है कि उन्होंने हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए दाखिल हलफनामे में अपनी संपत्ति का पूरा ब्योरा नहीं दिया था। इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
--आईएएनएस
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