Aapka Rajasthan

पश्चिम बंगाल नगर निकाय भर्ती घोटाला : जेल में बंद पूर्व मंत्री सुजीत बोस ने मांगा 'ग्रेड-1' कैदी का दर्जा, ईडी ने जताई आपत्ति

कोलकाता, 4 जून (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के चर्चित नगर निकाय भर्ती भ्रष्टाचार मामले में न्यायिक हिरासत में बंद पूर्व मंत्री और टीएमसी नेता सुजीत बोस ने अदालत से 'ग्रेड-1' कैदी का दर्जा देने की मांग की है। गुरुवार को इस मामले की सुनवाई विशेष अदालत में वर्चुअल माध्यम से हुई, जहां सुजीत बोस भी पेश हुए।
 
पश्चिम बंगाल नगर निकाय भर्ती घोटाला : जेल में बंद पूर्व मंत्री सुजीत बोस ने मांगा 'ग्रेड-1' कैदी का दर्जा, ईडी ने जताई आपत्ति

कोलकाता, 4 जून (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के चर्चित नगर निकाय भर्ती भ्रष्टाचार मामले में न्यायिक हिरासत में बंद पूर्व मंत्री और टीएमसी नेता सुजीत बोस ने अदालत से 'ग्रेड-1' कैदी का दर्जा देने की मांग की है। गुरुवार को इस मामले की सुनवाई विशेष अदालत में वर्चुअल माध्यम से हुई, जहां सुजीत बोस भी पेश हुए।

सुनवाई के दौरान सुजीत बोस के वकील ने अदालत से उनके मुवक्किल को ग्रेड-1 कैदी का दर्जा देने की अपील की। इससे पहले पूर्व कोलकाता पुलिस अधिकारी शांतनु सिन्हा बिस्वास और कारोबारी जय कामदार की ओर से भी ऐसी ही मांग की गई थी। हालांकि, ईडी ने इस मांग का कड़ा विरोध किया।

ईडी की ओर से पेश डिप्टी सॉलिसिटर जनरल धीरज त्रिवेदी ने अदालत को बताया कि मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सुजीत बोस के करीबी सहयोगी और दक्षिण दमदम नगर पालिका के डिप्टी मेयर निताई दत्ता को पूछताछ के लिए समन भेजा गया था। निताई दत्ता ने बताया है कि वह हैदराबाद में इलाज करा रहे हैं और इसी महीने जांच एजेंसी के सामने पेश होंगे।

ईडी ने अदालत को यह भी बताया कि जांच के दौरान नियुक्त किए गए उम्मीदवारों की एक सूची बरामद हुई है। इसके अलावा कई डिजिटल उपकरण भी जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

सुनवाई के बाद ईडी के वकील ने कहा कि जांच एजेंसी के हाथ कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां लगी हैं और कई बिंदुओं पर पूछताछ की आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार समन भेजे जाने के बावजूद कुछ लोग प्रभावशाली व्यक्तियों के दबाव में जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।

वहीं, सुजीत बोस के वकील ने दावा किया कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की चार्जशीट में उनके मुवक्किल का नाम नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले में किसी धन लेन-देन का जिक्र नहीं किया गया है और अन्य आरोपियों के बयानों में भी सुजीत बोस की कोई भूमिका सामने नहीं आई है।

ईडी के अनुसार, नगर निकाय भर्ती घोटाले की जांच में दक्षिण दमदम नगर पालिका में कथित तौर पर अवैध रूप से नौकरी दिलाने के लिए करीब 150 उम्मीदवारों के नामों की सूची मिली है। एजेंसी का कहना है कि भ्रष्टाचार से अर्जित धन विभिन्न बैंक खातों में जमा किया गया, जिसकी जांच जारी है।

ईडी ने 11 मई को सुजीत बोस को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी से पहले उनके घर, कार्यालय और उनके द्वारा संचालित ढाबे पर भी छापेमारी की गई थी। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में टीएमसी उम्मीदवार के रूप में बिधाननगर सीट से चुनाव लड़ने वाले सुजीत बोस को भाजपा के शरद्वत मुखर्जी ने 37 हजार से अधिक मतों के अंतर से पराजित किया था।

--आईएएनएस

वीकेयू/