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अमेरिका का 250वां स्वतंत्रता दिवस : पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने नागरिकों से लोकतंत्र की रक्षा करने का किया आग्रह

वाशिंगटन, 5 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक प्रशासन से जुड़े चार पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने साझा संदेश देते हुए कहा कि अमेरिकी लोकतंत्र अभी भी निरंतर विकसित होने वाली व्यवस्था है और इसकी मजबूती नागरिकों की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करती है। हालांकि, देश के मौजूदा राजनीतिक माहौल को लेकर चारों नेताओं ने अलग-अलग आकलन पेश किए।
 

वाशिंगटन, 5 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक प्रशासन से जुड़े चार पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने साझा संदेश देते हुए कहा कि अमेरिकी लोकतंत्र अभी भी निरंतर विकसित होने वाली व्यवस्था है और इसकी मजबूती नागरिकों की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करती है। हालांकि, देश के मौजूदा राजनीतिक माहौल को लेकर चारों नेताओं ने अलग-अलग आकलन पेश किए।

पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश, बराक ओबामा, बिल क्लिंटन और जो बाइडेन, सभी ने इस मौके पर अमेरिकियों से डेमोक्रेटिक मूल्यों की रक्षा करने, नागरिक जीवन में हिस्सा लेने और देश के संस्थापकों द्वारा बताए गए एक ज्यादा व्यवस्थित संघ की दिशा में कोशिश करते रहने की अपील की।

पूर्व राष्ट्रपति ओबामा ने कहा, "अमेरिका लगातार आगे बढ़ रहा है। हर पीढ़ी को पिछली पीढ़ी के अधूरे काम को आगे बढ़ाना चाहिए, जो सही है उसकी रक्षा करनी चाहिए, जो गलत है उसे ठीक करना चाहिए और हमारे यूनियन को थोड़ा और बेहतर बनाना चाहिए। 250 साल बाद, यह पहले से कहीं ज्यादा जरूरी है।"

पूर्व राष्ट्रपति बाइडेन ने भी यही बात कही। उन्होंने कहा, "हमारे डेमोक्रेसी के बारे में कुछ भी सुनिश्चित नहीं है। हमें इसके लिए लड़ना होगा, इसे बचाना होगा और इसे कमाना होगा। बार-बार, साल दर साल। यह कोई बोझ नहीं है। एक अमेरिकी होने का यही मतलब है।"

उन्होंने आगे कहा कि हालांकि अमेरिका अभी तक स्वतंत्रता की घोषणा (डिक्लेरेशन ऑफ इंडिपेंडेंस) में निहित आदर्शों को पूरी तरह हासिल नहीं कर पाया है, लेकिन हमने कभी उन आदर्शों का साथ नहीं छोड़ा है। उन्होंने अमेरिकी नागरिकों से अपील की कि वे यह सुनिश्चित करें कि हम भविष्य में भी कभी उन आदर्शों से पीछे न हटें।

वहीं, पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश ने नागरिक जिम्मेदारी और उन स्वतंत्रताओं पर जोर दिया, जिनके बारे में उनका कहना था कि उन्होंने पीढ़ियों से अमेरिका की पहचान और मूल्यों को आकार दिया है।

बुश ने एक वीडियो मैसेज में कहा, "अगले 250 सालों में अमेरिकियों को दर्शक नहीं, बल्कि नागरिक बनना होगा। अमेरिकियों को अपने देश और जिन समुदायों में वे रहते हैं, उनके स्वास्थ्य और भलाई में सक्रिय रुचि लेने की जरूरत है।"

उन्होंने वोटिंग को एक शक्तिशाली आजादी करारा दिया और कहा कि इसका हमें सम्मान करना चाहिए। उन्होंने प्रर्थना की आजादी, प्रेस की आजादी और सामुदायिक सेवा की आजादी को ऐसे स्थायी मूल्य बताया जो अमेरिकियों को एकजुट करते रहते हैं।

क्लिंटन ने चारों पूर्व राष्ट्रपतियों में से सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश दिया, जिसमें उन्होंने आगाह किया कि गहरे विभाजन के एक और दौर के बीच अमेरिका अपनी 250वीं सालगिरह मना रहा है। अमेरिका के भविष्य और दुनिया में उसकी भूमिका को लेकर नए सवाल उठ रहे हैं और हमारे अपने संस्थानों और हमारे लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरे हैं।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम लिए बिना, क्लिंटन ने मौजूदा सरकार पर व्यक्तिगत बदला लेने, दुश्मनों पर केस चलाने, बोलने की आजादी को खत्म करने के लिए सरकार को हथियार बनाने का आरोप लगाया। इसके साथ ही उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका का इतिहास दिखाता है कि देश ने बार-बार मुश्किल समय का सामना किया है।

क्लिंटन ने कहा, "हमारे फाउंडर्स ने समझदारी दिखाई जब उन्होंने हमें एक ज्यादा बेहतर यूनियन बनाने का मिशन दिया। वे जानते थे कि अमेरिका कभी परफेक्ट नहीं होगा लेकिन हमेशा बेहतर हो सकता है।"

पूर्व राष्ट्रपति ने उन नागरिकों का जिक्र किया जो वोट देते हैं, अपने समुदायों की सेवा करते हैं, चैरिटी में दान करते हैं और देश के भविष्य में योगदान देते हैं।

चारों पूर्व राष्ट्रपतियों ने कहा कि डेमोक्रेसी के लिए नागरिकों की सक्रिय हिस्सेदारी जरूरी है, न कि सिर्फ देखते रहना। उन्होंने भरोसा जताया कि देश का भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि हर पीढ़ी देश के बुनियादी आदर्शों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता फिर से बनाए।

--आईएएनएस

केके/एएस