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पूर्व सांसद रतन सिंह के बेटे की संदिग्ध हालात में मौत, शिकायत में पत्नी और पोते का नाम शामिल

जयपुर, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। भरतपुर के पूर्व सांसद रतन सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि उनके बेटे राजेंद्र प्रताप सिंह की हत्या जहर देकर की गई। इस कथित साजिश में उनकी बहू नीतू सिंह, पोते सौरभ और परिवार के अन्य सदस्य शामिल थे।
 

जयपुर, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। भरतपुर के पूर्व सांसद रतन सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि उनके बेटे राजेंद्र प्रताप सिंह की हत्या जहर देकर की गई। इस कथित साजिश में उनकी बहू नीतू सिंह, पोते सौरभ और परिवार के अन्य सदस्य शामिल थे।

जयपुर के जवाहर सर्कल पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

राजस्थान लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के तौर पर काम करने वाले राजेंद्र प्रताप सिंह की 11 सितंबर को संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी।

अपनी शिकायत में रतन सिंह ने आरोप लगाया कि उनके बेटे की मौत एक साजिश का हिस्सा थी, जिसका मकसद मानवीय आधार पर सरकारी नौकरी पाना और करोड़ों रुपए की संपत्ति पर कब्जा करना था।

पुलिस ने घटनास्थल की जांच करने और सबूत इकट्ठा करने के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम को बुलाया है। फॉरेंसिक जांच के लिए घर से सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) भी जब्त किए गए हैं। जांच करने वाले अधिकारी मौत की वजह का पता लगाने के लिए एफएसएल और मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।

परिवार के सदस्यों पर लगाए गए आरोपों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। शिकायत के मुताबिक, राजेंद्र प्रताप सिंह और नीतू सिंह की शादी 11 मई, 2005 को हुई थी। बताया जाता है कि शादी के कुछ समय बाद ही उनके बीच झगड़े शुरू हो गए थे, जिसके बाद राजेंद्र ने फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दायर की थी।

शिकायत में कहा गया है कि नीतू सिंह और उनका बेटा सौरव, राजेंद्र से अलग रह रहे थे। इस वर्ष मई में दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हुआ, जिसके बाद नीतू सिंह और सौरव जयपुर के मालवीय नगर स्थित पारिवारिक घर लौट आए। हालांकि, रतन सिंह का आरोप है कि उनके लौटने के बाद तनाव बढ़ गया और घर, संपत्ति और पैसों के मामलों को लेकर अक्सर झगड़े होने लगे।

अपनी शिकायत में रतन सिंह ने आरोप लगाया कि 4 सितंबर को घर पर संपत्ति और पैसों के लेन-देन को लेकर गंभीर झगड़ा हुआ था। इस झगड़े के दौरान उनके बेटे को जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि 4 और 5 सितंबर को घर के सीसीटीवी कैमरों को खराब या बंद कर दिया गया था, जिससे उनके बेटे की मौत से जुड़ी घटनाओं पर शक पैदा होता है।

पूर्व सांसद के मुताबिक, जब राजेंद्र का शव मिला तो उनके होंठ नीले पड़ गए थे, जिससे उन्हें शक है कि यह जहर दिए जाने का संकेत हो सकता है। उन्होंने पुलिस से घटनाओं के क्रम का पता लगाने के लिए सीसीटीवी डीवीआर और अन्य सबूतों की जांच करने का आग्रह किया है।

जवाहर सर्कल पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) महेश चंद्र ने बताया, अधिकारी मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं। पुलिस ने घटनास्थल से सबूत इकट्ठा किए हैं, सीसीटीवी डीवीआर जब्त किया है और पोस्टमार्टम भी करवाया है। जांच के लिए विसरा के सैंपल एफएसएल भेजे गए हैं।

एसएचओ के मुताबिक, अभी फॉरेंसिक और पैथोलॉजी की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है।

पुलिस रतन सिंह की शिकायत की जांच कर रही है और परिवार के सदस्यों, पड़ोसियों और शिकायतकर्ता की बहू के पक्ष के रिश्तेदारों से पूछताछ कर रही है। जांच अभी जारी है। मौत की वजह और साजिश व जहर देने के आरोपों का पता फॉरेंसिक जांच और पुलिस की आगे की पूछताछ के नतीजों से ही चलेगा।

--आईएएनएस

एसडी/एबीएम