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पश्चिम बंगाल: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तारी का डर, इंद्रनील सेन ने सुप्रीम कोर्ट का खटखटाया दरवाजा

कोलकाता, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जांच किए जा रहे मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की।
 

कोलकाता, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जांच किए जा रहे मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की।

गायक से राजनेता बने सेन का यह कदम इस सप्ताह की शुरुआत में कलकत्ता उच्च न्यायालय की एकल-न्यायाधीश पीठ द्वारा उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद आया है। अगले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट बंद रहेगा। संभावना है कि इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के खुलने पर इस मामले की सुनवाई होगी।

सेन और उनकी पत्नी मधुचंदा सेन पर यूनेस्को के टैग का इस्तेमाल करके दुर्गा पूजा यात्राओं के फर्जी पास बेचने से जुड़ी अनियमितताओं का आरोप है। कथित लेन-देन में शामिल रकम का शुरुआती अनुमान लगभग 60 करोड़ रुपए था।

बो बाजार पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज होने के बाद कोलकाता पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। इसके बाद ईडी ने प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज करके अपनी जांच शुरू की।

पिछले महीने, केंद्रीय एजेंसी ने सेन के आवास, उनके कुछ रिश्तेदारों के परिसर और मामले से जुड़े एक इवेंट मैनेजर के कार्यालय या परिसर सहित कई स्थानों पर छापेमारी और तलाशी ली। एजेंसी ने अपनी जांच के तहत सेन से दो बार पूछताछ भी की।

गिरफ्तारी की आशंका से सेन ने सबसे पहले अपने वकील के माध्यम से कलकत्ता उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की। इस याचिका पर 15 अक्टूबर को न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की एकल पीठ के समक्ष सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद न्यायालय ने उनकी याचिका खारिज कर दी।

अब कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद गिरफ्तारी की आशंका से पूर्व मंत्री ने सर्वोच्च न्यायालय में इसी तरह की अग्रिम जमानत याचिका दायर की है।

इस महीने की शुरुआत में, ईडी ने एक बयान जारी कर पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम सेन के स्वामित्व वाली ऑक्टेव रिकॉर्ड्स से जुड़े एक लेन-देन के संबंध में लिया।

एजेंसी के अनुसार, कंपनी के खातों से लगभग 30 लाख रुपए बैंकिंग चैनलों के माध्यम से बनर्जी को हस्तांतरित किए गए थे। हालांकि, सेन ने दावा किया कि यह भुगतान रॉयल्टी के रूप में किया गया था।

पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा अलग से तृणमूल कांग्रेस के पूर्व शासनकाल के दौरान संस्थागत भ्रष्टाचार की जांच के लिए गठित न्यायिक जांच आयोग ने सेन से संबंधित एक जांच शुरू की है। आयोग राज्य के सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग की निविदा प्रक्रिया में कथित तौर पर करोड़ों रुपए की अनियमितताओं की जांच कर रहा है, जहां सेन राज्य मंत्री के रूप में कार्यरत थे। यह जांच ईडी द्वारा की जा रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच से अलग है।

--आईएएनएस

एएसएच/एबीएम