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वित्तीय निगरानी बढ़ाने और मनी लॉन्ड्रिंग पर अंकुश लगाने के लिए एफआईयू-इंडिया, सेबी और पीएफआरडीए के बीच हुआ समझौता

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अपराधों पर रोक लगाने के लिए फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट-इंडिया (एफआईयू-आईएनडी) ने सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) और पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए) के साथ दो अलग-अलग समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
 
वित्तीय निगरानी बढ़ाने और मनी लॉन्ड्रिंग पर अंकुश लगाने के लिए एफआईयू-इंडिया, सेबी और पीएफआरडीए के बीच हुआ समझौता

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अपराधों पर रोक लगाने के लिए फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट-इंडिया (एफआईयू-आईएनडी) ने सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) और पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए) के साथ दो अलग-अलग समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

मंत्रालय के अनुसार, इन समझौतों का उद्देश्य वित्तीय क्षेत्र के प्रमुख नियामकों के बीच बेहतर सूचना साझा करने और आपसी समन्वय को मजबूत करना है ताकि मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के वित्तपोषण जैसे अपराधों से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके।

इन एमओयू के तहत, सभी एजेंसियां अपने-अपने डेटाबेस से जरूरी जानकारी और खुफिया इनपुट साझा करेंगी। साथ ही, रेगुलेटेड संस्थाओं द्वारा एफआईयू-इंडिया को रिपोर्टिंग के लिए एक तय प्रक्रिया विकसित की जाएगी, जो प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग (पीएमएल) नियमों के अनुसार होगी।

इस सहयोग के तहत विदेशी वित्तीय खुफिया इकाइयों के साथ भी जानकारी साझा की जाएगी, जो एगमोंट सूचना विनिमय सिद्धांत के अनुरूप होगा।

सेबी और पीएफआरडीए, एफआईयू-इंडिया के साथ मिलकर प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित करेंगे, जिससे रेगुलेटेड संस्थाओं में एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग (एएमएल) और आतंकवाद के वित्तपोषण से निपटने (सीएफटी) की क्षमता को मजबूत किया जा सके।

सरकार के अनुसार, इस सहयोग में वित्तीय सेक्टर के अलग-अलग हिस्सों में जोखिम का आकलन, संदिग्ध लेनदेन की पहचान के लिए रेड-फ्लैग संकेतकों को साझा करना और धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत नियमों के पालन को और सख्त करना शामिल है।

इन समझौतों के तहत नोडल अधिकारियों के जरिए नियमित समन्वय किया जाएगा और हर तिमाही बैठकें होंगी, जिनमें जरूरी जानकारी साझा की जाएगी और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी।

यह समझौता एफआईयू-इंडिया के निदेशक अमित मोहन गोविल, सेबी के पूर्णकालिक सदस्य संदीप प्रधान और पीएफआरडीए के पूर्णकालिक सदस्य रणदीप सिंह जगपाल के बीच हुआ। पीएफआरडीए के चेयरमैन शिवसुब्रमण्यम रमण की मौजूदगी में यह समझौता संपन्न हुआ।

एफआईयू-इंडिया देश की प्रमुख एजेंसी है जो संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से जुड़ी जानकारी को एकत्र, विश्लेषण और साझा करती है। सेबी शेयर बाजार का नियामक है, जबकि पीएफआरडीए पेंशन सेक्टर (जैसे एनपीएस और अटल पेंशन योजना) की निगरानी करता है और निवेशकों के हितों की रक्षा करता है।

--आईएएनएस

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