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अमेरिकी चुनावों में रुझानों के शुरुआती संकेत बुधवार सुबह मिलने की उम्मीद

न्यूयॉर्क, 3 नवंबर (आईएएनएस)। अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के लिए मतदान मंगलवार को संपन्न होगा। इसके बाद काउंटिंग शुरू होगी। शुरुआती रुझान आधी रात से पहले (भारत में बुधवार सुबह 10:30 बजे) आने की उम्मीद है।
 

न्यूयॉर्क, 3 नवंबर (आईएएनएस)। अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के लिए मतदान मंगलवार को संपन्न होगा। इसके बाद काउंटिंग शुरू होगी। शुरुआती रुझान आधी रात से पहले (भारत में बुधवार सुबह 10:30 बजे) आने की उम्मीद है।

यह उन निर्वाचन क्षेत्रों के लिए होगा जहां नतीजे बहुत करीबी नहीं हैं।

सीनेट की 11 अहम सीटों में से 9 के नतीजे बुधवार दोपहर (भारत में रात 10:30 बजे) तक आ सकते हैं, लेकिन हो सकता है कि इनसे यह स्पष्ट न हो पाए कि किस पार्टी को बहुमत मिलेगा।

अलास्का और मेन जैसे दो राज्यों में 'रैंक्ड चॉइस' (वरीयता-आधारित मतदान) प्रणाली है। इसके तहत, अगर कोई उम्मीदवार पहली गिनती में 50 प्रतिशत वोट हासिल नहीं कर पाता है, तो मतदाताओं द्वारा दी गई दूसरी प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए फिर से गणना की जाती है, जिसमें अधिक समय लग सकता है।

रिपब्लिकन पार्टी ने कानूनी चुनौतियों की चेतावनी दी है, जिससे कुछ सीटों के नतीजों में काफी देरी हो सकती है। इसमें से एक सीट अलास्का की भी है।

पिछले दो चुनावों (2022 और 2024) में, 'हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स' (प्रतिनिधि सभा) पर किसका नियंत्रण होगा, यह तय होने में 8 दिन लग गए थे, क्योंकि कुछ प्रमुख निर्वाचन क्षेत्रों में मुकाबला बहुत करीबी था। वहीं, 2022 में सीनेट के नतीजों के लिए 4 दिन का समय लगा था।

कैलिफोर्निया के एक निर्वाचन क्षेत्र में, जहां जीत-हार का अंतर केवल 187 वोट का था, वहां 2024 में नतीजे आने में 29 दिन लग गए थे।

इस सबके बीच, खासकर सीनेट के मामले में, सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या राष्ट्रपति ट्रंप इन नतीजों को स्वीकार करेंगे।

उन्होंने अभी तक यह नहीं माना है कि वे 2020 का राष्ट्रपति चुनाव हार गए थे; इसके बजाय, वे लगातार यही दावा करते रहे हैं कि उनका चुनाव "चुराया" गया था।

खबरों के अनुसार, उनका न्याय विभाग - जिसने अलास्का सीनेट चुनाव को लेकर पहले ही कानूनी चुनौती देने की असफल कोशिश की थी - अब अन्य जगहों पर भी ऐसी ही स्थिति तैयार करने में जुटा है।

कैलिफोर्निया में, न्याय विभाग ने अदालत से मांग की थी कि राज्य को लगभग 20,000 'अर्ली बैलेट' (समय से पहले डाले गए वोट) अलग करने का आदेश दिया जाए। विभाग का दावा था कि ये वोट उन लोगों के हैं जो अमेरिकी नागरिक नहीं हैं।

वे यह केस हार गए, और इसके बाद उच्च अदालत और अंततः सुप्रीम कोर्ट में की गई अपीलें भी खारिज हो गईं।

--आईएएनएस

केआर/