चुनावी गड़बड़ी के खिलाफ ठाकरे बंधुओं का ऐलान, चुनाव आयोग के खिलाफ 4 अक्टूबर को करेंगे मार्च
मुंबई, 29 सितंबर (आईएएनएस)। चुनाव आयोग के खिलाफ महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना (यूबीटी) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। दोनों नेताओं ने 4 अक्टूबर को होने वाले विरोध मार्च का पूरा ब्लू-प्रिंट सामने रखा।
यह प्रदर्शन चुनाव आयोग (ईसीआई) के खिलाफ है। ठाकरे बंधुओं ने आयोग पर केंद्र की सत्ताधारी पार्टी के 'एक्सटेंशन' के तौर पर काम करने और एसआईआर के जरिए वोटरों को धोखा देने का आरोप लगाया। राज ठाकरे ने बताया कि यह विरोध प्रदर्शन किसी एक पार्टी का नहीं बल्कि आम नागरिकों की आवाज है।
प्रदर्शनकारी सुबह 10 बजे भायखला स्थित रिचर्डसन एंड क्रुडास परिसर में इकट्ठा होंगे। मार्च 11 बजे से 11:30 बजे के बीच भायखला से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) की ओर बढ़ेगा। यह मार्च बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) मुख्यालय के पास खत्म होगा, जहां एक मंच बनाकर इसे जनसभा में बदला जाएगा।
राज ठाकरे ने कहा, "हम सालों से ईवीएम में गड़बड़ी और चुनावी धांधली को लेकर आवाज उठा रहे हैं। 2017-18 में भी मैं कई राजनीतिक नेताओं से इस मुद्दे पर मिला था। यह मार्च वोटरों के अपमान और हमारी चुनावी अखंडता के साथ खिलवाड़ के खिलाफ है। हमें जो भी कहना है, हम 4 अक्टूबर को मंच से ही कहेंगे।"
ठाकरे बंधुओं ने साफ किया कि यह प्रदर्शन किसी पार्टी की राजनीति से ऊपर है। इसके लिए सख्त नियम बनाए गए हैं। न तो मनसे और न ही शिवसेना (यूबीटी) अपने पार्टी के झंडे या बैनर लेकर चलेंगे। सभी प्रदर्शनकारी लोकतंत्र और संविधान की लड़ाई को दिखाने के लिए सिर्फ भारतीय राष्ट्रीय ध्वज लेकर चलेंगे।
राज ठाकरे ने कहा कि औपचारिक चिट्ठी भेजने के बजाय वे खुद सभी विपक्षी दलों को फोन करके इस आंदोलन में शामिल होने का न्योता देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सत्ताधारी दलों के जो नेता चुनाव आयोग के कामकाज का विरोध करते हैं, उनका भी मंच पर स्वागत है।
भाजपा के इस आरोप पर कि विपक्ष राजनीतिक नाकामी का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ने के लिए सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 'मनगढ़ंत कहानियां' बना रहा है, राज ठाकरे ने मराठी कहावत से जवाब दिया। उन्होंने कहा, "अगर हमारा विरोध सीधे चुनाव आयोग के खिलाफ है, तो भाजपा को मिर्ची क्यों लग रही है? मराठी में कहावत है, 'खाई त्याला खवखवे' यानी चोर की दाढ़ी में तिनका।"
कांग्रेस द्वारा इसी मुद्दे पर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन आयोजित करने के सवाल पर उद्धव और राज ठाकरे ने कहा कि सीईसी और चुनाव आयोग की गड़बड़ी के खिलाफ विरोध मार्च आयोजित करने में कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है। राज ठाकरे ने कहा कि अगर किसी हाउसिंग सोसायटी के लोग भी ऐसा विरोध करते हैं, तो उसका स्वागत है।
4 अक्टूबर का यह प्रदर्शन मुंबई में ठाकरे बंधुओं के एक साथ एक मंच पर आने का बड़ा संकेत है। वहीं, उद्धव ठाकरे ने 2 अक्टूबर को मुंबई में सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को भी अपना पूरा समर्थन देने का ऐलान किया है।
--आईएएनएस
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