रेणुकास्वामी हत्याकांड : आरोपी को सरकारी गवाह बनाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई
नई दिल्ली, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री के रेणुकास्वामी हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट अहम याचिका पर सुनवाई करने वाला है। जेल में बंद अभिनेता दर्शन की पत्नी विजयलक्ष्मी ने आरोपी प्रदोष एस. राव को सरकारी गवाह (अप्रूवर) बनाए जाने को चुनौती दी है।
जस्टिस जेबी. पारदीवाला की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच बुधवार को इस याचिका पर सुनवाई करेगी। विजयलक्ष्मी ने ट्रायल कोर्ट और कर्नाटक हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें प्रदोष को सरकारी गवाह बनने की इजाजत दी गई थी और उसका बयान दर्ज किया गया था।
ट्रायल कोर्ट ने पहले प्रदोष को सरकारी गवाह बनने की अनुमति दी थी और उसका बयान दर्ज करने का आदेश दिया था। इस फैसले को कर्नाटक हाईकोर्ट में चुनौती दी गई लेकिन हाईकोर्ट ने सेशन कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा। अब विजयलक्ष्मी ने ट्रायल कोर्ट और हाईकोर्ट दोनों के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
रेणुकास्वामी मर्डर केस में प्रदोष आरोपी नंबर 14 है। इस केस में दर्शन और कई अन्य आरोपी हैं। आरोप है कि जून 2024 में बेंगलुरु में रेणुकास्वामी की हत्या कर दी गई थी।
प्रदोष अभिनेता दर्शन का करीबी सहयोगी है। उसने अगस्त 2026 में सरकारी गवाह बनने के लिए आवेदन किया था। ट्रायल कोर्ट ने उसकी याचिका को स्वीकार कर लिया और शर्त के साथ माफी दे दी कि वह पूरी घटना का सच-सच खुलासा करेगा।
प्रदोष बेंगलुरु सिटी सिविल एंड सेशन कोर्ट में पेश हुआ और उसने करीब तीन घंटे तक शपथ के तहत अपना विस्तृत बयान दर्ज कराया। उसने हत्या की रात पत्तनगेरे शेड में हुई घटनाओं के बारे में बताया।
अभिनेता दर्शन और उनकी पत्नी विजयलक्ष्मी ने कर्नाटक हाईकोर्ट में इस सरकारी गवाह के दर्जे को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने प्रदोष को गवाही देने की इजाजत बरकरार रखी लेकिन साथ ही कहा कि बाकी आरोपियों को ट्रायल के दौरान उससे जिरह करने का अधिकार होगा। इसके बाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की गई।
कन्नड़ फिल्म स्टार दर्शन थूगुदीपा, अभिनेत्री पवित्रा गौड़ा और 15 अन्य लोगों पर बेंगलुरु की सिटी सिविल एंड सेशन कोर्ट में ट्रायल चल रहा है। इन पर आरोप है कि उन्होंने जून 2024 में 33 साल के फार्मेसी वर्कर रेणुकास्वामी का अपहरण, टॉर्चर और मर्डर किया था।
--आईएएनएस
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