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‘फेसलेस, कैशलेस और पेपरलेस’ सेवाओं की ओर कदम, सीएम भूपेंद्र पटेल ने लॉन्च किया ‘सुगम डिजिटल गुजरात’

गांधीनगर, 24 मार्च (आईएएनएस)। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मंगलवार को ‘सुगम डिजिटल गुजरात’ पहल का शुभारंभ करते हुए कहा कि सरकारी डिजिटल सुधारों का मुख्य उद्देश्य नागरिकों के काम को आसान बनाना है।
 
‘फेसलेस, कैशलेस और पेपरलेस’ सेवाओं की ओर कदम, सीएम भूपेंद्र पटेल ने लॉन्च किया ‘सुगम डिजिटल गुजरात’

गांधीनगर, 24 मार्च (आईएएनएस)। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मंगलवार को ‘सुगम डिजिटल गुजरात’ पहल का शुभारंभ करते हुए कहा कि सरकारी डिजिटल सुधारों का मुख्य उद्देश्य नागरिकों के काम को आसान बनाना है।

उन्होंने कहा, “जितनी आसानी से लोगों के काम होंगे, उतनी ही सरकार और सिस्टम को संतुष्टि मिलेगी।”

यह पहल राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक आधुनिक और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। इसके तहत ज्यादा इस्तेमाल होने वाली सरकारी सेवाओं को ऑफलाइन से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि गुजरात प्रशासनिक सुधार आयोग (जीएआरसी) की पांचवीं रिपोर्ट की सिफारिशों के आधार पर पांच प्रमुख विभागों की 20 हाई-ट्रांजैक्शन सेवाओं को अब ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाएगा।

इनमें आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड और हलफनामा जैसी सेवाएं शामिल हैं। ये सभी सेवाएं अब “फेसलेस, कैशलेस और पेपरलेस” होंगी, जिससे लोगों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी योजनाओं की जानकारी हर घर तक पहुंचनी चाहिए, ताकि पात्र नागरिक उनका पूरा लाभ उठा सकें।

उन्होंने गांव स्तर पर तलाटी और ग्राम कंप्यूटर उद्यमी (वीसीई) की भूमिका को अहम बताते हुए कहा कि ये लोग नागरिकों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ने में मदद करेंगे।

उन्होंने कहा कि जब नागरिक, जनप्रतिनिधि और सरकारी अधिकारी एक दिशा में मिलकर काम करते हैं, तो परिणाम सटीक और प्रभावी होते हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बढ़ावा दिए गए डिजिटल भुगतान का जिक्र करते हुए कहा कि आज छोटे व्यापारी भी बड़े पैमाने पर इसका उपयोग कर रहे हैं और इसमें नागरिकों का सहयोग महत्वपूर्ण रहा है।

मुख्य सचिव मनोज कुमार दास ने बताया कि इस प्लेटफॉर्म के जरिए नागरिक घर बैठे मोबाइल या व्हाट्सएप से आवेदन कर सकेंगे। आधार और बारकोड के जरिए सत्यापन होगा और एक समय में करीब 10 लाख यूजर्स इस सिस्टम का उपयोग कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने डिजिटल लॉकर की भी घोषणा की, जिससे नागरिकों को बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

अधिकारियों के अनुसार, इस पहल से राशन वितरण, छात्रवृत्ति, विधवा पेंशन समेत कई सेवाएं अधिक पारदर्शी, तेज और पूरी तरह डिजिटल हो जाएंगी।

यह पहल राज्य में सुशासन को मजबूत करने और तकनीक के जरिए आम लोगों तक सरकारी सेवाओं को सरल तरीके से पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

--आईएएनएस

डीएससी