मंगोलिया में 'खान क्वेस्ट 2026' का समापन, भारत ने वैश्विक शांति के प्रति दोहराई प्रतिबद्धता
उलानबातर, 3 जुलाई (आईएएनएस)। मंगोलिया की राजधानी उलानबातर के फाइव हिल्स ट्रेनिंग एरिया में शुक्रवार को बहुराष्ट्रीय शांति मिशन अभ्यास 'खान क्वेस्ट 2026' का समापन हुआ। इस मौके पर भारत ने एक बार फिर दुनिया में शांति बनाए रखने के अपने संकल्प को दोहराया।
भारतीय सेना के अतिरिक्त जनसंपर्क महानिदेशालय (एडीजीपीआई) ने 'एक्स' पोस्ट पर लिखा, "बहुराष्ट्रीय शांति मिशन अभ्यास खान क्वेस्ट 2026 का आज मंगोलिया के उलानबातर स्थित फाइव हिल्स ट्रेनिंग एरिया में समापन हुआ। समापन समारोह में मंगोलिया के उप रक्षा मंत्री मेजर जनरल बासंदम्बा दश्त्सेडेन और मंगोलियाई सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल गनब्याम्बा सुनरेव शामिल हुए। उन्होंने सभी देशों की टीमों की ओर से दिखाए गए अनुशासन, पेशेवर क्षमता और आपसी सहयोग की सराहना की।"
इस अभ्यास में भारत समेत 18 देशों की सैन्य टुकड़ियों ने हिस्सा लिया। इसका उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के तहत अलग-अलग देशों की सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल, संयुक्त शांति मिशन की तैयारी और मानवीय सहायता से जुड़े कौशल को मजबूत करना था।
एडीजीपीआई ने कहा कि भारतीय सेना ने संयुक्त प्रशिक्षण और सिमुलेशन आधारित अभ्यासों के दौरान अपनी बेहतरीन पेशेवर क्षमता और संचालन कौशल का प्रदर्शन किया। खान क्वेस्ट 2026 ने वैश्विक शांति, संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों और कई देशों के बीच सैन्य सहयोग के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को फिर से मजबूत किया।
20 जून को इस अभ्यास के 23वें संस्करण के उद्घाटन समारोह में जाट रेजिमेंट के 40 सैनिकों का भारतीय दल शामिल हुआ। इस दल में दो महिला अधिकारी भी थीं।
उद्घाटन समारोह का शुभारंभ मंगोलिया के रक्षा मंत्री बटलुट और मंगोलियाई सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल गनब्याम्बा सुनरेव ने किया। इस अभ्यास में दुनिया के 18 देशों के 1,000 से अधिक सैनिकों ने भाग लिया।
मंगोलिया में भारत के राजदूत अतुल मल्हारी गोत्सुरवी ने भारतीय दल का स्वागत किया और उनके सफल व सुखद भागीदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अभ्यास का पिछला संस्करण पिछले साल 14 से 28 जून के बीच मंगोलिया में आयोजित किया गया था।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, खान क्वेस्ट की शुरुआत साल 2003 में अमेरिका और मंगोलिया की सेनाओं के बीच एक द्विपक्षीय अभ्यास के रूप में हुई थी। बाद में 2006 से इसे बहुराष्ट्रीय शांति मिशन अभ्यास का रूप दे दिया गया।
रक्षा मंत्रालय का कहना है कि खान क्वेस्ट अभ्यास वैश्विक शांति बनाए रखने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। साथ ही यह भाग लेने वाले देशों के बीच सैन्य तैयारी, पेशेवर अनुभवों का आदान-प्रदान, आपसी भरोसा और सहयोग को भी बढ़ावा देता है।
--आईएएनएस
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