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बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना का श्रमिक दिवस संदेश, 'डेढ़ दशक में जो हमने कमाया उसे यूनुस सरकार ने गंवाया'

ढाका, 1 मई (आईएएनएस)। शुक्रवार को विश्व श्रमिक दिवस के मौके पर बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपने देश की वर्तमान स्थिति को चिंतनीय बताया। हसीना ने कहा कि पिछले डेढ़ दशक में देश के औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में जो तरक्की हुई, उसे 5 अगस्त, 2024 के बाद से झटका लगा है।
 
बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना का श्रमिक दिवस संदेश, 'डेढ़ दशक में जो हमने कमाया उसे यूनुस सरकार ने गंवाया'

ढाका, 1 मई (आईएएनएस)। शुक्रवार को विश्व श्रमिक दिवस के मौके पर बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपने देश की वर्तमान स्थिति को चिंतनीय बताया। हसीना ने कहा कि पिछले डेढ़ दशक में देश के औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में जो तरक्की हुई, उसे 5 अगस्त, 2024 के बाद से झटका लगा है।

हसीना ने आरोप लगाया कि मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली पिछली अंतरिम सरकार की "बदले की कार्रवाई" की वजह से हजारों फैक्ट्रियां बंद हो गईं, जिसमें गार्मेंट सेक्टर भी शामिल है, जबकि एक साल में 2.1 मिलियन वर्कर अपनी नौकरी खो बैठे।

हसीना के बयान को अवामी लीग ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, जिसमें लिखा है, “मुझे दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि डेढ़ दशक में इंडस्ट्री और खेती में हमने जो रफ्तार पकड़ी थी, वह 5 अगस्त, 2024 के बाद रुक गई है। यूनुस सरकार की बदले की कार्रवाई की वजह से, हजारों फैक्ट्रियां, जिसमें गार्मेंट इंडस्ट्री भी शामिल है, बंद हो गई हैं। सिर्फ एक साल के अंदर, 2.1 मिलियन (21 लाख) श्रमिक अपनी नौकरी खो बैठे। सितंबर 2025 तक, 30 लाख लोग गरीबी रेखा में पहुंच गए। संकट का यह ट्रेंड जारी है।”

विश्व श्रमिक दिवस, जिसे मई दिवस के नाम से भी जाना जाता है, दुनिया भर में उन कामगारों के ऐतिहासिक आंदोलनों और हिम्मत का सम्मान करने के लिए मनाया जाता है जिन्होंने अपने अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए लड़ाई लड़ी।

इस मौके पर बांग्लादेश के लोगों को संबोधित करते हुए, हसीना ने याद दिलाया कि बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान ने देश में दबे-कुचले, वंचित और मजदूर वर्ग के अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए अपनी जिंदगी दांव पर लगा दी। उन्होंने कहा कि उनके आदर्शों पर चलते हुए, अवामी लीग सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान कामगारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और कल्याण के लिए कई पहल की।

उन्होंने कुछ कानूनों का जिक्र भी किया। आगे लिखा, "इनमें बांग्लादेश लेबर (अमेंडमेंट) एक्ट 2018, मजदूरों की सामाजिक इज्जत सुनिश्चित करने के लिए नेशनल लेबर पॉलिसी 2012, नेशनल चाइल्ड लेबर एलिमिनेशन पॉलिसी 2010, नेशनल ऑक्यूपेशनल हेल्थ एंड सेफ्टी पॉलिसी 2013, बांग्लादेश लेबर रूल्स 2015, और डोमेस्टिक वर्कर्स प्रोटेक्शन एंड वेलफेयर पॉलिसी 2015 शामिल हैं।"

हसीना ने कहा कि अवामी लीग सरकार के दौरान की गई इन पहलों ने बांग्लादेश को ग्लोबल स्टेज पर एक स्थिर और उभरती हुई अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने में योगदान दिया है। पिछली अंतरिम सरकार के दौरान शुरू हुआ आर्थिक संकट अभी भी बना हुआ है, इस बात की चेतावनी देते हुए उन्होंने आगे कहा कि "कोई भी देश इंडस्ट्री बंद करके, रोजगार खत्म करके और किसानों को कमजोर करके तरक्की नहीं कर सकता।"

हसीना ने कहा, "इस ऐतिहासिक दिन पर, मैं आपको याद दिलाती हूं कि अवामी लीग हमेशा श्रमिक अधिकारों, हितों और कल्याण के साथ खड़ी रही है। हम निश्चित रूप से इस बुरे दौर से उबरेंगे और बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था को वापस विकास के रास्ते पर लाएंगे।"

--आईएएनएस

केआर/