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बंगाल: बैरकपुर स्टेशन पर एमएसडीएसी सिस्टम शुरू, यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेन संचालन होगा बेहतर

कोलकाता, 24 सितंबर (आईएएनएस)। ईस्टर्न रेलवे (ईआर) ने यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने और ट्रेनों के भरोसेमंद संचालन को सुनिश्चित करने के लिए बैरकपुर स्टेशन पर मल्टी सेक्शन डिजिटल एक्सल काउंटर (एमएसडीएसी) सिस्टम को सफलतापूर्वक चालू किया है।
 

कोलकाता, 24 सितंबर (आईएएनएस)। ईस्टर्न रेलवे (ईआर) ने यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने और ट्रेनों के भरोसेमंद संचालन को सुनिश्चित करने के लिए बैरकपुर स्टेशन पर मल्टी सेक्शन डिजिटल एक्सल काउंटर (एमएसडीएसी) सिस्टम को सफलतापूर्वक चालू किया है।

अधिकारियों ने इस कदम को एक महत्वपूर्ण तकनीकी पहल बताया है, जिससे ट्रेनों के समय पर चलने में होने वाली देरी को कम करने में भी मदद मिलेगी।

यह भारी बारिश के दौरान जलभराव की समस्या वाले इलाकों में सिग्नलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की ईआर की लगातार कोशिशों का हिस्सा है।

एक अधिकारी ने बताया, "हाल ही में शुरू किए गए एमएसडीएसी सिस्टम को बैरकपुर स्टेशन पर प्लेटफॉर्म 4, 2, 1ए और 1 के साथ-साथ डाउन सबअर्बन लाइन पर मौजूद डीसी ट्रैक सर्किट के साथ-साथ लगाया गया है।"

एक अहम स्टेशन होने के नाते, ट्रेनों के सुचारू संचालन के लिए बैरकपुर का सिग्नलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भरोसेमंद होना चाहिए। कुछ निचले इलाकों में, भारी बारिश और जलभराव के दौरान पारंपरिक डीसी ट्रैक सर्किट में खराबी आ सकती है। एमएसडीएसी लगाने से ट्रेन का पता लगाने का एक अतिरिक्त और स्वतंत्र तरीका मिलता है, जिससे सिग्नलिंग सिस्टम की उपलब्धता और विश्वसनीयता बेहतर होती है।

अधिकारी ने आगे कहा, "मौजूदा ट्रैक सर्किट के साथ एमएसडीएसी की समानांतर व्यवस्था मौसम की वजह से ट्रैक सर्किट में खराबी आने के जोखिम को काफी कम करती है और खराब मौसम में भी सिग्नलिंग संचालन को लगातार बनाए रखने में मदद करती है।"

इससे ट्रेनों की अनावश्यक देरी कम करने, समय की पाबंदी बेहतर करने और रोजाना यात्रा करने वाले हजारों लोगों व लंबी दूरी के यात्रियों के लिए उपनगरीय सेवाओं को सुचारू बनाने में मदद मिलती है।

ईआर के सीपीआरओ शिबराम माझी ने कहा कि बैरकपुर में एमएसडीएसी सिस्टम का चालू होना सिग्नलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में एक महत्वपूर्ण सुधार है, जिसका मकसद ऑपरेशनल विश्वसनीयता को मजबूत करना और यात्रियों की सुविधा को बेहतर बनाना है।

उन्होंने बताया कि भारी बारिश के दौरान जलभराव पारंपरिक ट्रैक सर्किट के लिए चुनौती बन सकता है, लेकिन समानांतर एमएसडीएसी व्यवस्था एक अतिरिक्त विश्वसनीय ट्रेन-डिटेक्शन सिस्टम प्रदान करती है, जिससे मौसम से जुड़ी सिग्नलिंग में रुकावटों को कम करने में मदद मिलती है।

ईस्टर्न रेलवे यात्रियों को सुरक्षित, ज्यादा भरोसेमंद और समय पर ट्रेन सेवाएं देने के लिए अपने पूरे नेटवर्क में आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है। बैरकपुर में तकनीकी अपग्रेड, सिग्नलिंग को आधुनिक बनाने और सिस्टम को मजबूत करने के ईस्टर्न रेलवे के लगातार चल रहे कार्यक्रम का एक और अहम कदम है। इसमें मानसून के मौसम में भी भरोसेमंद सेवाएं बनाए रखने पर खास जोर दिया गया है।

एमएसडीएसी एक सुरक्षित सिग्नलिंग सिस्टम है, जो एक आसान सिद्धांत पर काम करता है। यह पता लगाने के लिए कि ट्रैक खाली है या भरा हुआ है, यह किसी सेक्शन में आने और उससे बाहर जाने वाले पहियों की गिनती करता है।

ट्रैक सेक्शन के एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर सेंसर लगे होते हैं। जब कोई ट्रेन एंट्री सेंसर के ऊपर से गुजरती है, तो सिस्टम एक्सल की गिनती करता है और डेटा को एक सेंट्रल इवैल्यूएटर को भेजता है। जब ट्रेन एग्जिट सेंसर के ऊपर से गुजरती है, तो सिस्टम फिर से एक्सल की गिनती करता है। अगर दोनों आंकड़े मेल खाते हैं, तो इवैल्यूएटर तय करता है कि ट्रैक दूसरी ट्रेनों के लिए खाली है। अगर वे मेल नहीं खाते हैं, तो सिस्टम ट्रैक को भरा हुआ बताता है।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी