पूर्वी रेलवे ने दुर्घटनाओं को रोकने के लिए वेटब्रिज पर नई तकनीक लागू की
कोलकाता, 28 सितंबर (आईएएनएस)। माल ढुलाई को सुरक्षित और कुशल बनाने के लिए पूर्वी रेलवे (ईआर) ने वेटब्रिज पर नई तकनीक लागू करना शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि इससे पटरी से उतरने की घटनाओं में कमी आएगी, दुर्घटनाओं को रोका जा सकेगा और पटरियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। उन्होंने इसे मालगाड़ियों की आवाजाही की सुरक्षा और समयबद्धता सुनिश्चित करने तथा पूरे नेटवर्क में निर्बाध आपूर्ति श्रृंखला बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण तकनीकी कदम बताया।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि आधुनिकीकरण के इस निरंतर अभियान के तहत, पूर्वी रेलवे रणनीतिक वेटब्रिज पर एडवांस व्हील-वाइज लोड इम्बैलेंस डिटेक्शन सिस्टम स्थापित कर रहा है। यह तकनीक सेवा बाधित होने से पहले ही सुरक्षित भार सीमा से विचलन का पता लगाने के लिए डिजाइन की गई है, जिससे सक्रिय रखरखाव संभव हो सकेगा और संभावित परिवहन खतरों को रोका जा सकेगा।
इस प्रणाली के तहत, सेंसर लोड डेटा एकत्र करते हैं और इसे एक केंद्रीय नियंत्रक को भेजते हैं। फिर सॉफ्टवेयर स्थिर और गतिशील व्हील लोड, बाएं से दाएं लोड अनुपात और इंपैक्ट लोड कारकों का निर्धारण करके असमान लोडिंग, ओवरलोडेड एक्सल या फ्लैट स्पॉट को चिह्नित करता है। रियल टाइम में अलर्ट सुधारात्मक उपाय के लिए सीधे अधिकारियों को भेजे जाते हैं।
ईआर पर पहला व्हील-वाइज लोड इंबैलेंस डिटेक्शन सिस्टम हाल ही में पाकुर इन-मोशन वेइंग ब्रिज पर सफलतापूर्वक चालू किया गया। प्रारंभिक परीक्षण के परिणाम उत्साहजनक रहे हैं। राज्य सरकार से अंतिम प्रमाणन प्राप्त होने के बाद यह प्रणाली पूरी तरह से चालू हो जाएगी। कोटलपुकुर में इसी तरह के एक वेइंग ब्रिज की स्थापना का कार्य चल रहा है।
यह ईआर की व्यापक योजना का हिस्सा है जिसके तहत इस सुरक्षा व्यवस्था को पूरे क्षेत्र के अन्य महत्वपूर्ण माल ढुलाई केंद्रों तक विस्तारित किया जाएगा। झारखंड का एक प्रमुख माल ढुलाई केंद्र, पाकुर, पश्चिम बंगाल विद्युत विकास निगम लिमिटेड (डब्ल्यूबीपीडीसीएल) की साइडिंग और गति शक्ति टर्मिनल से पश्चिम बंगाल और पंजाब के बिजली संयंत्रों तक बड़ी मात्रा में कोयले की ढुलाई करता है।
पाकुर अपने पत्थर की खदानों के लिए भी जाना जाता है, जहां ईआर विशेष वैगनों में बड़ी मात्रा में कुचले हुए पत्थर के टुकड़े, एग्रीगेट और ट्रैक गिट्टी का परिवहन करता है।
--आईएएनएस
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