राजस्थान: जयपुर में ईपीएफओ अधिकारी एक लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार
जयपुर, 4 नवंबर (आईएएनएस)। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बुधवार को जयपुर में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के एक प्रवर्तन अधिकारी को कथित तौर पर एक लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार अधिकारी की पहचान सोनू मौर्य के रूप में हुई है। उसे एसीबी की जयपुर सिटी-4 इकाई ने ट्रैप कार्रवाई के दौरान पकड़ा।
एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता के अनुसार, शिकायतकर्ता ने ब्यूरो से शिकायत की थी कि उसकी कंपनी के कर्मचारियों का भविष्य निधि (पीएफ) अंशदान जमा न करने के मामले में एफआईआर दर्ज करने से बचाने के लिए सोनू मौर्य ने 2 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी।
आरोप है कि अधिकारी ने शिकायतकर्ता की कंपनी के बैंक खातों को फ्रीज करने की धमकी भी दी थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने रिश्वत मांगने के आरोप का सत्यापन किया। जांच में पुष्टि हुई कि आरोपी 1 लाख रुपए की रिश्वत मांग रहा था।
बुधवार को आरोपी ने शिकायतकर्ता की कंपनी के चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) की मौजूदगी में 1 लाख रुपए की रिश्वत स्वीकार कर ली। इसके बाद एसीबी की टीम ने रकम बरामद कर उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
यह कार्रवाई एसीबी के उप महानिरीक्षक ओमप्रकाश मीणा के निर्देशन में की गई। ऑपरेशन को जयपुर सिटी-4 इकाई के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार गुप्ता के नेतृत्व में अंजाम दिया गया।
ब्यूरो इस मामले में अन्य लोगों की संभावित संलिप्तता की भी जांच कर रहा है।
एसीबी की अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और पुलिस महानिरीक्षक एस. परिमला के निर्देशन में आरोपी से पूछताछ की जा रही है तथा आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
ब्यूरो ने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति को पता चलता है कि उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत एसीबी से संपर्क कर मामले की जानकारी प्राप्त कर सकता है और अपना पक्ष रख सकता है।
एसीबी तथ्यों और संबंधित व्यक्ति द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण की जांच करने के बाद कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई करती है।
ब्यूरो ने लोगों से भ्रष्टाचार की शिकायत 24 घंटे की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1064 या व्हाट्सएप हेल्पलाइन 94135-02834 पर दर्ज कराने की अपील की है।
--आईएएनएस
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