चैटबॉक्स पर उठ रहे सवालों पर एलन मस्क बोले, ग्रोक नाबालिगों की आपत्तिजनक तस्वीरें नहीं बनाता
नई दिल्ली, 15 जनवरी (आईएएनएस)। टेस्ला के सीईओ और एआई कंपनी एक्सएआई के फाउंडर एलन मस्क ने कहा है कि उन्हें ऐसी किसी भी घटना की जानकारी नहीं है, जिसमें एक्सएआई के चैटबॉट ग्रोक ने नाबालिगों की आपत्तिजनक या गलत तस्वीरें बनाई हों।
एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया कि "मुझे ग्रोक द्वारा बनाई गई किसी भी नग्न तस्वीर के बारे में जानकारी नहीं है। जाहिर है, ग्रोक अपने आप कोई तस्वीर नहीं बनाता, बल्कि वह केवल यूजर्स के अनुरोध पर ही काम करता है।"
एलन मस्क का यह बयान उन खबरों के बाद आया है जिनमें कहा गया था कि ग्रोक ने असली लोगों की तस्वीरों को डिजिटल रूप से गलत तरीके से बदल दिया, जिनमें कुछ मामले नाबालिगों से जुड़े बताए गए थे। इन खबरों के बाद नियामक संस्थाओं ने इस पर ध्यान दिया था।
मस्क ने कहा कि ग्रोक को इस तरह बनाया गया है कि वह किसी भी देश या राज्य के कानूनों का पालन करता है। अगर उससे कोई गैरकानूनी काम करने को कहा जाता है, तो वह उसे करने से मना कर देता है।
एलन मस्क ने यह भी कहा कि कभी-कभी तकनीकी छेड़छाड़ के कारण कोई अनचाही गलती हो सकती है। अगर ऐसा होता है तो कंपनी उस गलती को तुरंत ठीक कर देती है।
इसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स ने ग्रोक से जुड़े कुछ नए प्रतिबंध लागू किए, जिसके तहत अब ग्रोक असली लोगों की तस्वीरों को आपत्तिजनक तरीके से नहीं बदल सकता। साथ ही, ग्रोक से तस्वीर बनाने और बदलने की सुविधा केवल भुगतान करने वाले यूजर्स तक सीमित कर दी गई है।
एलन मस्क एक ऐसे थ्रेड का जवाब दे रहे थे, जिसमें दावा किया गया था कि केवल कुछ खास राजनीतिक विचारधारा से जुड़े लोगों को ही ऐसी तस्वीरें दिखीं। मस्क ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि ग्रोक अपने आप कोई गलत कंटेंट नहीं बनाता।
इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एक्स कॉर्प के खिलाफ कार्रवाई की थी। मंत्रालय ने कहा था कि प्लेटफॉर्म पर अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट फैलने से रोकने में कंपनी नाकाम रही है।
सरकार ने एक्स कॉर्प को निर्देश दिया था कि वह तुरंत की गई कार्रवाई की रिपोर्ट (एटीआर) सौंपे और यह बताए कि कंपनी ने ग्रोक और एक्सएआई की अन्य एआई-आधारित सेवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं। इसमें अश्लील, नग्न, अभद्र और स्पष्ट कंटेंट को होस्ट, जनरेट, प्रकाशित या प्रसारित, शेयर या अपलोड करने को रोकने पर जोर दिया गया था।
--आईएएनएस
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